पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में प्रदूषण बहुत ही ख़तरनाक स्तर पर पहुंच गया है, स्मॉग से लोगों को हो रही परेशानी पर दिल्ली के मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा, कि धुंध की वजह दिल्ली नहीं. बल्कि फ़सल की पराली का जलाया जाना है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शहर में प्रदूषण स्तर कम करने के कदमों पर चर्चा करने के लिए पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रीयों के साथ बैठक करने की इच्छा जताई.
दिल्ली में वायु की गुणवत्ता  मंगलवार को बहुत खराब रही. पराली जलाने से पैदा हुए जहरीले धुएं और नमी के संयुक्त प्रभाव के कारण शहर ‘गैस चैंबर’ में तब्दील हो गया है. दिल्ली में धुंध का स्तर ये है, कि “सांस लेना, अर्थात 50 सिगरेट पीने” के बराबर है. मौसम वैज्ञानिक एवं पर्यावरण विशेषज्ञों समेत डॉक्टर्स के लिए भी ये चिंता का विषय है. क्योंकि इस धुंध के कारण बच्चों एवं बूढों का बीमार पड़ने की संभावनाएं हैं.
केजरीवाल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिखकर कहा, ‘आप दिल्ली में वायु की खराब गुणवत्ता के बारे में जानते हैं. दिल्ली एक गैस चैंबर बन गया है और मुझे वायु की खराब गुणवत्ता के प्रतिकूल प्रभाव से बच्चों को बचाने के लिए स्कूल बंद करने का आदेश देना पड़ा.’
केजरीवाल ने कहा, एक महीने (मध्य अक्टूबर से मध्य नवंबर तक) से न सिर्फ दिल्ली बल्कि पूरा उत्तर भारत गैस चैंबर बना हुआ है. दिल्ली में पीएम लेवल का अध्यधिक बढ़ना सिर्फ लोकल कारणों से नहीं है.

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Team TH

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