विचार स्तम्भ

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चिंतन में डूबी कांग्रेस पर एक नज़र

  • May 15, 2022

देश की सबसे पुरानी और बड़ी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस इन दिनों उदयपुर में चिंतन में डूबी है। देश में यत्र-तत्र डूबने के बाद पार्टी का चिंतन...

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नज़रिया- न्याय व्यवस्था के ढह जाने का प्रतीक है बुलडोज़र

  • April 20, 2022

लम्बे समय से देश के क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम या आपराधिक न्याय प्रणाली की विफलता, खामियों और जन अपेक्षाओं के अनुरूप उसे लागू न करने को लेकर...

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अच्छा, तो हम ऐसे विश्वगुरु बनेंगे ?

  • April 13, 2022

कर्नाटक के एक हनुमान मंदिर के सामने कुछ मुस्लिम ठेले पर फल बेच रहे थे। हिंदूवादी उपद्रवियों को यह बात अच्छी नहीं लगी। उन्होंने ठेले पलट...

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इन प्यार भरे रिश्तों को हम क्यों नहीं स्वीकार सकते ?

  • January 11, 2022

भारत में जब से समलैंगिकता को अपराध के दायरे से बाहर किया गया है तब से LGBTQ समुदाय के लोग अपनी फीलिंग्स, प्यार और यौन रुचि...

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महामारी से कितनी प्रभावित हुई है स्कूली शिक्षा ?

  • December 30, 2021

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के संभावित प्रकोप को देखते हुए, देश मे 2022 में होने वाले...

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क्या देश में ‘गृह युद्ध’ को आमंत्रित किया जा रहा है ?

  • December 30, 2021

हरिद्वार (उत्तराखंड) में पिछले दिनों संपन्न विवादास्पद ‘धर्म संसद’ में भाग लेने वाले सैकड़ो महामंडलेश्वरों, संतों, हज़ारों श्रोताओं और आयोजन को संरक्षण देने वाली राजनीतिक सत्ताओं...

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हिंदुत्व की विचारधारा को महात्मा गांधी से इतनी नफ़रत क्यों है ?

  • December 30, 2021

हिंदुत्ववादियों की सबसे बड़ी मुसीबत है कि जिस अस्थिशेष, कृषकाय, निहत्थे बूढ़े महात्मा को वे 73 साल पहले मार चुके हैं, वह आज​तक मरा ही नहीं।...

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नज़रिया – दाल पानी की चिंता छोड़िए, मुल्लों को टाईट किया हुआ है?

  • November 29, 2021

मेरा एक दोस्त दिल्ली में पत्रकार है उसने देश के एक प्रतिष्ठित संस्थान से पत्रकारिता की पढ़ाई है, वो ऊर्जावान है युवा है लेकिन “दुर्भाग्य” से...

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मौलाना आज़ाद के विचार और उनका लेखन

  • October 13, 2021

सबसे कठिन होता है धार्मिक कट्टरता और धर्मान्धता से उबल रहे समाज में, सेक्युलर सोच या सर्वधर्म समभाव के, सार्वभौम और सनातन मूल्यों को बचाये रखना,...

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‘इस्लामी सभ्यता’ पर मुंशी प्रेमचंद का लेख:

  • October 12, 2021

हिंदू और मुसलमान दोनों एक हज़ार वर्षों से हिंदुस्तान में रहते चले आये हैं. लेकिन अभी तक एक-दूसरे को समझ नहीं सके. हिंदू के लिए मुसलमान...