विचार स्तम्भ

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महारानी के लिए ध्वज झुक सकता है, पर शंकराचार्य के लिए नही

  • September 12, 2022

जीवन का पहला शतक पूरा करने से कुछ महीने पहले ही द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती अपनी इहलीला समाप्त कर अनंत में विलीन हो...

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नज़रिया – डूबना ही शहरों की त्रासदी है अब

  • September 11, 2022

भारत की सिलकॉन सिटी कहा जाने वाला बेंगलौर बर्षात झेलने के लायक नहीं रहा। एक ही वर्षा में पूरा शहर ऐसा डूबा की लोग त्राहि-त्राहि कर...

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एयरपोर्ट की सुरक्षा CISF से लेकर निजी हाथों में देना सुरक्षा के लिये घातक

  • September 8, 2022

यह भी एक विडंबना है कि, सरकार को, 1980 से लंबित पड़ी, धर्मवीर कमीशन की रिपोर्ट जो पुलिस सुधार के बारे में है, को सुप्रीम कोर्ट...

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महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन से सरकार क्यों परेशान है ?

  • August 7, 2022

महंगाई पर हुए प्रदर्शन को कपड़ो से पहचानने और उसे राम मंदिर शिलान्यास से जोड़ कर देखना, अपनी अक्षमता का प्रदर्शन और असल मुद्दो से मुंह...

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चिंतन में डूबी कांग्रेस पर एक नज़र

  • May 15, 2022

देश की सबसे पुरानी और बड़ी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस इन दिनों उदयपुर में चिंतन में डूबी है। देश में यत्र-तत्र डूबने के बाद पार्टी का चिंतन...

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नज़रिया- न्याय व्यवस्था के ढह जाने का प्रतीक है बुलडोज़र

  • April 20, 2022

लम्बे समय से देश के क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम या आपराधिक न्याय प्रणाली की विफलता, खामियों और जन अपेक्षाओं के अनुरूप उसे लागू न करने को लेकर...

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अच्छा, तो हम ऐसे विश्वगुरु बनेंगे ?

  • April 13, 2022

कर्नाटक के एक हनुमान मंदिर के सामने कुछ मुस्लिम ठेले पर फल बेच रहे थे। हिंदूवादी उपद्रवियों को यह बात अच्छी नहीं लगी। उन्होंने ठेले पलट...