नोटबंदी का दंश देश के आम लोगों को ख़ासा परेशान कर रहा है, एक बाद एक आने वाले फरमानों और टैक्स नियमों से आमजन का जीना मुश्किल हो गया है , ऐसा लगता है, जैसे जान आफत में पड़ गई। लोगों ने सोचा कि 31 दिसम्बर के बाद उनकी आफत खत्म हो जाएगी लेकिन आयकर विभाग ने एक घोषणा और कर दी जिससे लोग फिर परेशान हो गए हैं। जनसत्ता में छपी खबर के अनुसार आयकर विभाग का कहना है कि अगर कोई किसी को बीस हजार रुपए से ज्यादा का गिफ्ट देगा तो उसे जांच का समाना करना पड़ेगा। आयकर विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नोटबंदी के बाद बड़े पैमाने पर हुए पैसों की लेनदेन को लेकर चल रही विभाग की पड़ताल को ध्यान में रखते हुए ऐसा किया जा रहा है। जो भी व्यक्ति अपने मित्र या परिजन से 20 हजार रुपए से ज्यादा का गिफ्ट लेता या देता है तो उसे आयकर विभाग को इस मामले में पूरी जानकारी देनी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि अगर वह व्यक्ति इसके बारे में पूछे जाने को दौरान सही जानकारी नहीं देता है तो उसके खिलाफ जांच की जाएगी।
जानकारी के अनुसार जिस दिन से नोटबंदी शुरु हुई यानि कि 8 नवंबर से लेकर 31 दिसंबर तक के दौरान जिस किसी भी व्यक्ति ने नकद या गिफ्ट के जरिए 20 हजार से ज्यादा का लेनदेन किया है तो उसपर आयकर विभाग जांच सकता है। आयकर विभाग के अधिकारी का कहना है कि लोगों को गिफ्ट देने वाले का पैन नम्बर भी हमें देना होगा जिससे कि हम पता लगा सकें कि दिए गए गिफ्ट के लिए राशि कहां से जुटाई गई है। आपको बता दें कि नोटबंदी के दौरान बैंकों में लोगों द्वारा अच्छी-खासी राशि जमा कराने के बाद से ही आयकर विभाग ने स्वच्छ धन अभियान शुरु किया हुआ है। आयकर विभाग ने ऐसा 18 लाख लोगों का पता किया है जिनकी नोटबंदी के दौरान जमा कराई गई राशि उनके द्वारा भरे गए टैक्स में मेल नहीं खाती है।
गौरतलब है कि पहले आयकर कानून के तहत 50 हजार रुपए या इससे ज्यादा राशि के गिफ्ट देने पर टैक्स भरना पड़ता था लेकिन आयकर विभाग के इस नए कानून के बाद ऐसा लग रहा है कहीं अब 20 हजार रुपए के गिफ्ट खरीदने के बाद लोगों को टैक्स न देना पड़ जाए।

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