चेन्नई : भ्रष्टाचार के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अन्नाद्रमुक प्रमुख वीके शशिकला ने शाम को बेंगलुरु कोर्ट में सरेंडर कर दिया. वहां से उन्हें जेल ले जाया गया. शशिकला ने अपील की थी कि उन्हें जेल की उसी सेल में रखा जाए, जिसमें पहले जयललिता को रखा गया था. जेल प्रशासन ने उनकी इस अपील को ठुकरा दिया. शिकला को जिस सेल में रखा गया है, उसमें पहले से ही दो महिला कैदी हैं. शशिकला को जेल में तीन साड़ियां मिली हैं. सूत्रों के मुताबिक शशिकला को जेल में मोमबत्तियां बनाने का काम दिया गया है. इसके लिए उन्हें प्रतिदिन 50 रुपए पारिश्रमिक दिया जाएगा. शशिकला के वकील ने कहा कि वे अब सजा के खिलाफ अपील नहीं करेंगी. वे पूरी सजा काटेंगी और फिर राजनीति में लौटेंगी.
उन्होंने विशेष अदालत के न्यायधीश अश्वतनारायण के समक्ष आत्मसमर्पण किया. चेन्नई से सड़क मार्ग से बैंगलोर पहुंची शशिकला को कर्नाटक-तमिलनाडु सीमा पर होसुर से 28 किलोमीटर दूर पराप्पना अग्रहारा स्थित केन्द्रीय कारागार भेज दिया गया है. यहां वे कैदी नंबर 9235 के रूप में रहेंगी. शशिकला जेल में अपनी बची हुई तीन साल 10 महीने और 27 दिन की सजा काटेंगी. न्यायधीश ने आत्मसमर्पण करने के लिए और दो सप्ताह की मोहलत देने और घर का खाना उपलब्ध कराने का उनका अनुरोध भी ठुकरा दिया. शशिकला के रिश्तेदार वीएन सुधाकरन और एलावारसी ने भी आत्मसमर्पण कर दिया. उच्चतम न्यायालय ने इन दोनों की सजा भी बहाल कर दी थी. शशिकला को जेल में एक टीवी सेट, गद्दा और टेबल फैन दिया गया है. पलिस ने कहा कि शशिकला का काफिला अदालत परिसर के पास पहुंचते ही उसमें शामिल चार कारों को नुकसान पहुंचाया गया. यह पता नहीं चल सका कि किन लोगों ने इन कारों को नुकसान पहुंचाया.

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