भारत में आये दिन हो रहे घटनाओं पर दुःख जताते हुए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने एक कार्यक्रम में कहा कि, भारत धीरे-धीरे गृह युद्ध की तरफ बढ़ रहा है क्योंकि दंगे सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गए हैं बल्कि ये लोगों के घरों तक पहुंच गए हैं.

कन्हैया कुमार

उन्होंने  आरोप लगाते हुए कहा कि-

  • वर्तमान सरकार भाषणों और दुष्प्रचार पर चल रही है. सरकार ने काला धन और नकली नोटों से निपटने के लिए नोटबंदी की. बहरहाल, एक महीने के अंदर दस लाख रुपये के नकली नोट पाए गए.
  • उन्होने कहा कि, भारत में भोजन, कपड़ा और आवास जैसे मूल सवाल और किसान, शिक्षा, स्वास्थ्य के मुद्दे गुम हो गए हैं और इन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
  • भाई को भाई से और बाप से बेटे को बाँटने का काम किया जा रहा है ये सिर्फ शहर भर की बात नहीं रही, ये अब लोगों के घरों तक पहुँच गई.

कन्हैया ने इस कार्यक्रम सांप्रदायिकता पर तंज कसते हुए कहा कि, , ‘सांप्रदायिकता इस क़दर ज़हर बन गई है कि आरएसएस गांवों को बांटने में सफल हो गया है. दंगे के लिए बाहर से लोगों की ज़रूरत नहीं है, स्थानीय लोग ही काम कर रहे हैं. जो लोग एक साथ क्रिकेट खेलते हैं, एक ही स्कूल में पढ़े हैं वे कह रहे हैं कि उनके दोस्त पाकिस्तानी हैं.’
कन्हैया ने आगे कहा कि, अगर किसान आत्महत्या कर रहे हैं. 12 हज़ार किसानों ने एक वर्ष के अंदर अपनी ज़िंदगी समाप्त कर ली और उन्हें इंश्योरेंस देने वाली कंपनी दस हज़ार करोड़ रुपये का लाभ कमाती है तो यह समस्या है.

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