क्या दिल्ली में जो कुछ हुआ, वो किसी नफ़रती प्रोजेक्ट का हिस्सा है ?

क्या दिल्ली में जो कुछ हुआ, वो किसी नफ़रती प्रोजेक्ट का हिस्सा है ?

यह ना संयोग है ना प्रयोग बल्कि एक प्रोजेक्ट है जिसे बहुत तेजी से पूरा किया जा रहा है। भारत को ‘हम’ और ‘वे’ में बांट देने का प्रोजेक्ट, जिसके लिये कई दशकों से प्रयास किया जा रहा था। दिमागों में पैदा किये गये विभाजन और हिंसा अब जमीन पर दिखाई पड़ने लगी है। जिसके […]

Read More
 संघ के संबंध में डॉ राजेन्द्र प्रसाद का सरदार पटेल को लिखे एक पत्र का अंश

संघ के संबंध में डॉ राजेन्द्र प्रसाद का सरदार पटेल को लिखे एक पत्र का अंश

छह साल से सरकार चलाने के बाद अगर आज भी भाजपा को दिल्ली विधानसभा का चुनाव जीतने के लिए पाकिस्तान की दया पर निर्भर औऱ दंगों के षड़यंत्र का सहारा लेना पड़े तो यह इस सरकार के निकम्मेपन का सबसे बड़ा प्रमाण है। सरकार और भाजपा की खुद की ही हालत ऐसी हो गयी है, […]

Read More
 नज़रिया – मैं संकीर्ण और संघी राष्ट्रवाद का विरोध करता हूँ

नज़रिया – मैं संकीर्ण और संघी राष्ट्रवाद का विरोध करता हूँ

यह उद्धरण पढें। आरएसएस के पूर्व सरसंघचालक और आरएसएस के प्रमुख विचारक जिनकी संघ के राजनीतिक चेहरे भारतीय जनसंघ की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका थी, एमएस गोलवलकर, जो संघ और भाजपा में, गुरु जी के नाम से जाने जाते हैं का एक कथन है। वे कह रहे हैं कि, ” अंग्रेजों से लड़ने में अपनी […]

Read More
 सत्तर के दशक के समाजवादी नेता व लेखक मधु लिमये का लेख – ‘आरएसएस क्या है?

सत्तर के दशक के समाजवादी नेता व लेखक मधु लिमये का लेख – ‘आरएसएस क्या है?

आज (8 जनवरी 2019) को खाँटी समाजवादी नेता मधु लिमये की पुण्यतिथि है, इस मौके पर उनका यह लेख याद आया……आप भी पढिए इस लेख को पढ़ते हुए बस यह याद रखिएगा कि उनकी मृत्यु 1995 में हो गयी थी…….. ‘आरएसएस क्या है? ‘मैंने राजनीति में 1937 में प्रवेश किया. उस समय मेरी उम्र बहुत […]

Read More
 अब भला और कितना न्यू इंडिया चाहिए?

अब भला और कितना न्यू इंडिया चाहिए?

कॉलेजों में हिंसा की घटनाएं हों या एकाध ऐसा कानून जो नाइंसाफी से भरा हो ये तो अपवाद हो सकता है पर इस मुल्क में जो चल रहा है वो साफ साफ पैटर्न है। ये लोग खून पसंद करते हैं अब भी नहीं दिख रहा है क्या? ये विचार ही खूनी है जिसे ये देश […]

Read More
 1949 में संविधान और तिरंगे के बारे में क्या थे संघ के विचार

1949 में संविधान और तिरंगे के बारे में क्या थे संघ के विचार

आरएसएस देश की मुख्य धारा से अपने जन्म के समय से ही अलग रहा है। 1925 में अपनी स्थापना के बाद से ही, संघ का चाल चरित्र चेहरा, भारत के अंदर विद्यमान लोकप्रिय और प्रमुख धारा से अलग ही अपनी बात कहता रहा है। संघ अपनी विचारधारा को राष्ट्रवादी विचारधारा कह कर प्रचारित करता है […]

Read More
 आखिर 2019 में मोहन भागवत चुप क्यों हैं?

आखिर 2019 में मोहन भागवत चुप क्यों हैं?

आरएसएस ने अपने काडर को तो चुनाव में लगाया हुआ है लेकिन खुद मोहन भागवत और उनके नंबर टू भैयाजी जोशी चुनाव की घोषणा के बाद से ठंडी सांस खींचे हुये हैं. भागवत का आखिरी बयान बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक के बाद फरवरी के तीसरे सप्ताह में आया था और तब से शांत हैं. 2014 के […]

Read More
 नितिन गडकरी मोदी को चुनौती दे रहे हैं या अपना बचाव कर रहे हैं

नितिन गडकरी मोदी को चुनौती दे रहे हैं या अपना बचाव कर रहे हैं

नितिन गडकरी फिर बोले हैं और कहा कि जनता सपने दिखा कर पूरे न करने वाले नेताओं की पिटाई भी करती है. ज़ाहिर है उनकी इस टिप्पणी को मोदी के ही संदर्भ में देखा जाएगा. पहले भी इसी तरह के बयान देकर वो मोदी को परोक्ष चुनौती दे चुके हैं. क्या ये समझा जाये कि […]

Read More
 राष्ट्र निर्माण का मापदंड क्या है ?

राष्ट्र निर्माण का मापदंड क्या है ?

कभी संघ के विचारक देश के विकास के रूप में विश्वस्तरीय शिक्षा संस्थान, शोध संस्थान, चरक, सुश्रुत, धन्वंतरि, अश्विनीकुमारों के नाम पर, ( ये नाम भी भारतीय परंपरा के चिकित्सा शास्त्र से जुड़े प्रसिद्ध नाम हैं और संघ इन नामों पर अपना कॉपीराइट समझता है ) बड़े बड़े प्रतिभा सम्पन्न अस्पताल, चिकित्सा केंद्र , नालंदा […]

Read More
 नज़रिया – बदले बदले से मोहन भागवत, आखिर माजरा क्या है ?

नज़रिया – बदले बदले से मोहन भागवत, आखिर माजरा क्या है ?

संघ प्रमुख मोहन भागवत का भाषण चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग उनके भाषण के निहितार्थ निकालने में लगे हैं। जिनका संघ के बारे में अध्ययन नहीं है, वे इसे संघ में बदलाव की संज्ञा दे रहे हैं। लेकिन न संघ बदला है, न ही कभी बदलेगा। दरअसल मोहन भागवत के भाषण को उसके […]

Read More