रविवार को जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं ने एक बैठक की. इस बैठक में कई मुद्दों पर बात हुई. बैठक के बाद जेडीयू नेता पवन वर्मा ने कहा कि गठबंधन में सभी दलों का सम्मान होना चाहिए, हालांकि उन्होंने ये साफ़ किया कि अभी बीजेपी से इस मुद्दे पर कोई बात नहीं हुई है.
बता दें कि इस बैठक में शामिल होने के लिए जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी और पवन वर्मा दिल्ली से आए हुए थे. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नाम पर ही एनडीए बिहार में लोकसभा का चुनाव लड़े और जेडीयू सबसे बड़ा दल है और नीतीश कुमार सबसे बड़ा चेहरा है. बैठक में चुनावी रणनीतिकार प्रशान्त किशोर भी मौजूद थे.
जेडीयू नेता अजय आलोक ने कहा, ‘सीट शेयरिंग को लेकर जेडीयू में कोई कन्फ्यूजन नहीं है. हम अब तक 25 सीटों पर चुनाव लड़ रहे थे और बीजेपी 15 सीटों पर लेकिन अब कुछ सहयोगी पार्टियां भी हमसे जुड़ गई हैं. तो अब सीट शेयरिंग को लेकर सीनियर नेता फैसला करेंगे. बिहार में नीतीश कुमार ही एनडीए गठबंधन का चेहरा हैं.’
बीजेपी अगर नीतीश कुमार की बात मानती है, तो ऐसी हालत में अपने 7 सांसदों की सीट को त्याग देना पड़ेगा. ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह उनकी शर्तें मानें ये मुश्किल है.
बीजेपी सूत्रों की मानें तो महज 10 से 15 सीटें ही पार्टी जेडीयू के लिए छोड़ सकती है. क्योंकि बाकी सहयोगी दल भी हैं, जिनके लिए भी सीटें छोड़नी हैं. हालांकि बिहार में 7 जून को एनडीए की बैठक होनी है. इस बैठक में अगले लोकसभा चुनाव की तैयारियों और सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा होगी.


आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए ट्वीट किया है. उन्‍होंने कहा है कि सुशील मोदी बताएं क्या नीतीश जी बिहार में नरेन्द्र मोदी से बड़े और ज़्यादा प्रभावशाली नेता हैं? उन्‍होंने कहा कि नीतीश जी के प्रवक्ता सुशील मोदी क्या अब भी JDU के हाथों अपने सबसे बड़े नेता को बेइज़्ज़त कराते रहेंगे? नीतीश जी ने कहा था उन्होंने सुशील मोदी के कहने पर भोज से मोदी जी की थाली खींची थी.

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