महाराष्ट्र

क्या मोदी सरकार "किसान विरोधी" है ?

क्या मोदी सरकार "किसान विरोधी" है ?

नासिक से पैदल चलकर मुंबई पहुंचे किसानों ने सरकार और प्रशासन की धडकनें बढ़ा दी है. लगभग 180 किलोमीटर पैदल चलकर मुंबई पहुंचे ये किसान बड़ी तादाद में हैं. कोई इनकी तादाद 35 हज़ार बता रहा है तो को 50 हज़ार. अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में नासिक से निकला आक्रोशित किसानों का ये जत्था अब मुंबई के आजाद मैदान पहुंच गया है.
रविवार को मुंबई पहुंचने के बाद किसान सायन के सोमैया मैदान में ठहरे. बीजेपी को छोड़कर लगभग हर पार्टी ने किसानों के प्रदर्शन का समर्थन किया है. किसानों के समर्थन में सत्तारूढ़ शिवसेना और राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना भी सामने आई है. देर रात किसानों से मिलने पहुंचे राज ठाकरे ने कहा, “उन्हें को जब भी मेरी जरूरत होगी, मैं हाजिर हो जाऊंगा. ” बता दें कि कांग्रेस ने पहले ही इस मोर्चे को समर्थन दे दिया है. सोमवार को मुख्यमंत्री और किसान सभा के प्रतिनिधि मंडल के बीच बैठक होगी.


किसान हर दिन 30 किलोमीटर चलते हुए तकरीबन 180 किलोमीटर का सफर पूरा कर सोमवार तड़के मुंबई के आजाद मैदान पहुंचे. शनिवार को यात्रा में शामिल 5 किसानों की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के बाद किसानों को छुट्टी दे दी गई है. इन किसानों को पानी की कमी और कम ब्लड प्रेशर की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया था.
ये हैं किसानों की मांगें
क्या है किसानों की मांगें?
किसानों ने पूरे कर्ज और बिजली बिल माफी के अलावा स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग रखी
हम यह भी चाहते हैं कि सरकार विकास, हाईवे और बुलेट ट्रेन के नाम पर जबर्दस्ती किसानों की जमीन छीनना बंद कर दे
पिछले साल राज्य की बीजेपी सरकार ने सशर्त किसानों का 34 हजार करोड़ रुपए का कर्ज माफी करने का एलान किया था, इसके बाद जून से अब तक 1753 किसानों ने खुदकुशी कर ली है.
फसलों के सही दाम न मिलने से भी किसान नाराज है
सरकार ने हाल के बजट में भी किसानों को एमएसपी का तोहफा दिया था, लेकिन कुछ संगठनों का मानना था कि केंद्र सरकार की एमएसपी की योजना महज दिखावा है.
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मुख्यमंत्री फडनवीस ने दिया आश्वासन

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार रात कहा कि उनकी सरकार किसानों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है. उन्होंने आंदोलनरत किसानों से सोमवार को शहर में यातायात नहीं रोकने की भी अपील की है. ताकि शहर में दसवीं की परीक्षा देने वाले छात्रों को परीक्षा केंद्रों पर जाने में दिक्कत न हो.
फडणवीस ने कहा है कि सरकार उनसे बात करेगी और उनके मुद्दों को सुलझाएगी. सरकार उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक है. उन्होंने कहा, ‘उनकी मांगों पर चर्चा के लिए हमने मंत्रियों की एक समिति बनाई है. हमने उन्हें (किसान नेताओं) को बातचीत के लिए बुलाया है.
अखिल भारतीय किसान सभा की तरफ से निकाले गए मोर्चे के मुंबई पहुंचते ही मुंबईवासियों ने किसानों का दिल खोलकर स्वागत किया. मुंबई के ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर ठाणे से सायन तक के बीच में जगह-जगह पर नागरिकों ने किसानों का फूल देकर स्वागत किया. किसानों के लिए पानी, चाय और नाश्ता की व्यवस्था भी की गई थी.
किसान आज महाराष्ट्र विधानसभा के घेराव की तैयारी में हैं. उससे पहले 12 बजे मुख्यमंत्री के साथ किसानों के शिष्टमंडल की मुलाकात होनी है. आज मुंबई में परीक्षाएं भी हैं. छात्रों को किसी तरह की परेशानी ना हो पुलिस का कहना है कि किसानों को आजाद मैदान से आगे नहीं जाने दिया जाएगा.
https://www.youtube.com/watch?v=c4t_7u9gstw&feature=youtu.be

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