October 29, 2020

नई दिल्ली– TIME मैगजीन ने नेक्स्ट जनरेशन लीडर्स 2017 लिस्ट में एक मात्र भारतीय को शामिल किया है, रामजस कॉलेज विवाद के बाद चर्चा में आई करगिल शहीद कैप्टन मनदीप सिंह की बेटी और लेडी श्री राम कॉलेज की छात्रा गुरमेहर कौर  को इस लिस्ट में शामिल किया गया है. ज्ञात हो, कि गुरमेहर सोशल मीडिया में एक वीडियो अपलोड कर चर्चा में आयी थीं, उन्होंने अपने वीडियो में कहा था, कि मेरे पिता को पाकिस्तान ने नहीं बल्कि युद्ध ने मारा है. गुरमेहर ने रामजस कॉलेज की घटना के बाद भाजपा के छात्र संगठन ABVP के विरुद्ध “स्टूडेंट्स अगेन्स्ट एबीवीपी” और “सेव दिल्ली यूनिवर्सिटी” कैम्पेन भी चलाए थे.

कौन हैं गुरमेहर ?- कारगिल शहीद मनदीप सिंह हैरी की बेटी गुरमेहर कौर दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा हैं. वह पंजाब के जालंधर की रहने वाली हैं. फ़िलहाल ग्रेजुएशन पूरी कर रही हैं, साथ ही ‘मूवमेंट ऑफ फ्रीडम’ नाम की किताब भी लिख रही हैं. उन्होंने अपना एक वीडियो भी रिलीज किया था, जिसमें उन्होंने मैसेज दिया था कि पाकिस्तान ने मेरे पिता को नहीं मारा, युद्ध ने मारा है. इसके बाद एक नई बहस छिड़ गई थी.
रेप की धमियों का निडरता से किया सामना- वीडियो आने के बाद गुरमेहर को बलात्कार की धमकियां भी मिलीं. पर बावजूद इसके गुरमेहर ने निडरता से अपने कार्य को जारी रखा. फ़िलहाल गुरमेहर इस समय “पोस्ट कार्ड्स फॉर पीस संस्थान” की एंबेसडर हैं. यह संस्था देश में भेदभाव के विरूद्ध खुलकर आवाज उठाती है.

गुरमेहर के साहस और निडरता की टाईम ने की तारीफ़- TIME पत्रिका ने गुरमेहर पर फ्री स्पीच वॉरियर के टाइटल से एक लेख लिखा है. जिसमें कहा गया, “ये सब तब शुरू हुआ, जब गुरमेहर ने अपनी आवाज उठाई. फरवरी में गुरमेहर ने कैम्पस वॉयलेंस का विरोध करने का फैसला लिया.” टाइम्स ने गुरमेहर का ज़िक्र करते हुए लिखा “मैं चुप क्यों बैठूं? मुझे ऐसा करने को कभी नहीं कहा गया. मुझे अहसास हुआ कि जो मैं बोलती हूं, लोग वो सुनते हैं. अगर मेरे पास कहने के लिए कुछ पॉजिटिव है तो मुझे क्यों नहीं बोलना चाहिए?”
कुछ ने विरोध तो कुछ ने किया था समर्थन – गुरमेहर का वीडियो बाद कुछ ने विरोध तो कुछ लोग उनके समर्थन पर कूद पड़े थे, पर जब वीरेंद्र सहवाग, योगेश्वर दत्त, बबिता फोगाट, रणदीप हुडा, किरन रिजिजु जैसे कई लोग गुरमेहर के खिलाफ बोले तो इन सभी को भारी किरकिरी का सामना करना पड़ा.
ज्वाला गुट्टा, जावेद अख्तर, गौतम गंभीर राहुल गांधी और  अरविन्द केजरीवाल ने गुरमेहर का सपोर्ट किया था. जिसके बाद मीडिया और सोशल मीडिया में यह मुद्दा कई दिनों तक छाया रहा था.

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