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रक्षा मंत्री गोवा में मछली खरीदते रहे और इधर साहब ने पूरी डील ही चेंज कर दी

रक्षा मंत्री गोवा में मछली खरीदते रहे और इधर साहब ने पूरी डील ही चेंज कर दी

गुजरात चुनाव प्रचार अभियान चरम पर है और सियासी पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है, इसी क्रम में गुरुवार को राहुल गाँधी ने गुजरात के बोताड, वल्लाभीपुर और भावनगर में चुनावी रैलियों को संबोधित किया.

फाइल फोटो- राहुल गाँधी

राहुल गांधी के धर्म पर चल रही बहस के बीच, गाँधी ने एक कदम ओर बढ़ाते हुए राफेल पर सवाल किये, उन्होंने बोताड के गोपीनाथ मंदिर के दर्शन करने के बाद चुनावी रैली को संबोधित किया.

राहुल गाँधी ने नोटबंदी पर तंज कसते हुए  कहा

“नोटबंदी का सच ये है कि लग्ज़री गाड़ियों में चलने वाले लोगों ने अपना पूरा काला धन सफ़ेद कर लिया जबकि लाखों लोगों ने अपनी नौकरी गंवाई. महिलाओं ने अपनी बचत का पैसा गंवाया.” राहुल गाँधी ने भाषण में नर्मदा के पानी के सवाल से लेकर नैनो परियोजना तक पर सवाल किये.

राहुल गाँधी अपने पुरे भाषण में आक्रामक रहे, उन्होंने संसद का शीतकालीन सत्र टाले जाने पर भी कहा कि, “मोदी जी संसद में जय शाह पर कोई चर्चा नहीं चाहते. गुजरात तक संसद सत्र टालने की प्रमुख वजह यही है, दूसरी वजह राफेल डील है.”
गुजरात में नैनो परियोजना पर भी राहुल गाँधी ने मोदी जी को घेरते हुए बोले कि, “गुजरात में नैनो परियोजना पर नरेंद्र मोदी ने 33 हज़ार करोड़ रुपये खर्च किए. टाटा कंपनी को देने के लिए ग़रीबों से बिजली और ज़मीन छीनी गई. इसके बावजूद भी सड़कों पर एक भी नैनो कार नहीं दिखाई देती है.”

रैली में संबोधित करते हुए राहुल गाँधी ने राफेल डील पर तंज कसते हुए कहा –

रक्षा मंत्री गोवा में मछली खरीदते रहे और इधर साहब ने पूरी डील ही चंज कर दी इसे लेकर उन्होंने मोदी जी से तीन सवाल भी पूछे .

राफेल डील को लेकर वो तीन सवाल जो राहुल गांधी ने मोदी जी से पूछे

  1. मोदी जी जब आपने ये डील कैंसल की तो आपके नए कॉन्ट्रैक्ट में हवाई जहाज़ का दाम बढ़ा या कम हुआ.
  2. आपने ये कॉन्ट्रैक्ट जिस उद्योगपति को दिया है, उसने अपनी ज़िंदगी में कभी हवाई जहाज़ नहीं बनाया है. एचएएल कंपनी 70 साल से हवाई जहाज़ बना रही है. क्या कारण था कि आपने एचएएल कंपनी से ये कॉन्ट्रैक्ट छीनकर अपने उद्योगपति मित्र को दिया.
  3. डिफेंस के हर कॉन्ट्रैक्ट में कैबिनेट की सुरक्षा कमिटी से मंजूरी लेनी पड़ती है. हमारी थल सेना, वायु सेना और नेवी कुछ भी ख़रीदे, पहले ये परमिशन लेनी पड़ती है. जब आपने हज़ारों करोड़ का ये कॉन्ट्रैक्ट बदला तो क्या आपने इसकी इजाजत ली. जवाब हां या न में दें.
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सुभाष बगड़िया

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