समाजवादी पार्टी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती के दिल्ली में मिलने की खबरे गरम है, अभी किसी रणनीती या मुलाक़ात की औपचारिक व्यक्तव्य तक नहीं आया था, इधर अखिलेश यादव और मायावती की मिलने की खबरों की अफवाह पर ही केंद्र सरकार ने सीबीआई का डायरेक्शन अखिलेश यादव की तरफ कर दिया है.

सीबीआई के इस क़दम से जहां इसकी साख दाव पर थी,देश की जनता में साफ़ मेसेज गया की गठबंधन से भाजपा घबराया गयी है, जानकार मानते है है की सीबीआई के इस मूव से इस बची कुची साख फिर दांव पर है, दूसरी तरफ केंद्र की भाजपा सरकार समाजवादियो की रणनीतियों को लेकर परेशान है. क्योंकि RSS BJP को नहीं पता चल पा रहा है की सपा बसपा क्या करने वाली है गठबंधन की नीतिया क्या होंगी.

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता और अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले अमीक जामेई ने कहा की समाजवादी लोग आरएसएस भाजपा से डरने वाले नहीं है, यह तय है की अखिलेश यादव और और मायावती जी में वैचारिक स्तर पर समझदारी बहुत मज़बूत है.

किसानों बेरोजगार युवाओं अल्पसंख्यकों पर हमले के जवाब में आंबेडकर लोहिया के लोग राजनीतिक इन्तेकाम लेने तैयार हैं और 2019 में नीले लाल झंडे के लोग भाजपा आरएसएस को हवा में उड़ा देंगे! भाजपा आरएसएस को मालूम होना चाहिए की गठबंधन की रणनीतिया सपा-बसपा ने नहीं प्रदेश के किसान बेरोजगार युवाओ ने बनाई है और प्रदेश देश के युवा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रिय अध्यक्ष पर भरोसा करते है.

डॉ आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के लोग, लोहिया और नेता जी मुलायम सिंह यादव का कमज़ोर समाज एक हो गया है और लाल नीले रंग का यह गठजोड़ RSS BJP की किसान विरोधी नीतियों, आरक्षण पर हमले, क़र्ज़ में जकड़ा किसान, बेरोजगार युवा वोट के ज़रिये 2019 में मोदी सरकार को केंद्र से बेदखल करने जा रहा है.

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमीक जामेई ने कहा की समाजवादी पार्टी पूरे प्रदेश में 7 जनवरी से 20 जनवरी तक ‘समाजवादी विकास’ विज़न एंव सामाजिक न्याय कार्य्रकम” आयोजित कर जनता से जनसंपर्क बनाकर उनके बीच दूर दराज़ के गाँव में जायेगी और जिस तरह से उत्तर प्रदेश में विकास का समाजवादी मोडल 2012-17 की हकुमत में पेश किया गया उसे जनता तक ले जायेंगे और सामाजिक न्याय पर तमाम हमले के खिलाफजनता को सतर्क किया जाएगा.