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शीर्षक मैनेज करने और खबर बनाने की एक और फूहड़ कोशिश

शीर्षक मैनेज करने और खबर बनाने की एक और फूहड़ कोशिश

सोशल मीडिया पर कल महिला खिलाड़ियों का यह एक जैसा ट्वीट घूम रहा था। इसमें पहले ट्वीट को देखिए, मूल संदेश से पहले ‘टेक्स्ट’ लिखा हुआ है। इससे लगता है कि यह संदेश सबों को भेजकर कहा गया होगा ट्वीट करने के लिए और पूजा ढांडा ने इसे ‘टेक्स्ट’ समेत ट्वीट कर दिया। अंग्रेजी के इस टेक्स्ट का हिन्दी अनुवाद कुछ इस तरह होगा, इस बार दीवाली पर महिलाओं का सम्मान और सशक्तिकरण करने की नरेन्द्र मोदी की कोशिश के लिए मैं उनका धन्यवाद करती हूं। स्वीकारोक्ति हमें परिश्रम करने के लिए प्रेरित करती है और भारत को गर्व होता है। हैशटैग भारत की लक्ष्मी। इससे लगता है कि प्रधानमंत्री ने भारत की लक्ष्मी जैसा कुछ कहा-किया है।
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फिल्म अभिनेत्री दीपिका पाडुकोण विश्व बैडमिंटन चैम्पियन पीवी सिंधु के साथ मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान ‘भारत की लक्ष्मी’ का प्रतिनिधित्व करेंगी। इसकी शुरुआत दीपिका पाडुकोण और सिंधु ने अपने सोशल मीडिया पेज पर एक वीडियो शेयर कर की थी। वीडियो में, इन दोनों दिग्गजों को इस पहल के बारे में बात करते हुए देखा जा सकता है जिसका मकसद देशभर में महिलाओं द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों को प्रकाश में लाना है। इंटरनेट पर ढूंढ़ते हुए मुझे अल्टन्यूज डॉट इन (altnews.in) की एक खबर मिली जिससे पता चला कि इस अभियान की शुरुआत कुछ दिन पहले हुई थी।
इसके साथ एक वीडियो भी था जिसे पीवी सिन्धु और दीपिका पाडुकोण ने ट्वीट किया था। इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रीट्वीट किया था। इसमें कहा गया था, हमारे संस्कारों ने हमें हमेशा महिला सशक्तिकरण की कोशिश करना सिखाया है। इस वीडियो के जरिए पीवी सिन्धु और दीपिका पाडुकोण ने भारत की लक्ष्मी का सम्मान करने के संदेश को बड़े अच्छे से बताया है। इसके बाद एक जैसे ट्वीट का अभियान चल पड़ा जिसे कई मंत्रियों और पार्टी समर्थकों ने रीट्वीट किया। इसके बाद अग्रणी खिलाड़ियों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों की प्रशंसा किए जाने का समाचार इक मीडिया संस्थानों ने साझा किया। इस तरह सुर्खियां बटोरने की पूरी कोशिश बहुत ही फूहड़ है और इसमें महिला खिलाड़ियों को लपेट लेने की कोशिश और भी घृणित है।
प्रमुख महिलाओं के एक जैसे इस ट्वीट के साथ कल पेरी महेश्वर (Peri Maheshwer) की एक पोस्ट खूब शेयर हुई। इसमें उन्होंने लिखा है कि उन्नाव की बलात्कार पीड़िता अभी भी जीवन से संघर्ष कर रही है और सेंगर का नाम एफआईआर में भी नहीं है। चिन्मयानंद की बलात्कार पीड़िता जेल में है और आरोपी अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ कर रहा है। निर्भया के बलात्कारी अभी जीवित हैं और मामला ठंडे बस्ते में। कठुआ मामले में एसआईटी ने बच्ची के बलात्कारियों को सजा दिलाई अब जांच करने वाली एसआईटी के सदस्यों पर एफआईआर का आदेश है (इस मामले में अगली सुनवाई 11 नवंबर को है)।
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बलात्कार आरोपी गोपाल कांडा वापस सत्ता में आ गया है। भाजपा ने उससे गठजोड़ कर सरकार बनाने पर विचार किया। प्रिय भारत लक्ष्मी, पीवी सिन्धु, सानिया नेहवाल, मैरी कॉम और अन्य क्या आप कृपया इसे भी कॉपी पोस्ट करेंगी। यह बेटीबचाओ के नारे के लिए लिए है। भारत के लिए है।

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Sanjaya Kumar Singh

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