शीर्षक मैनेज करने और खबर बनाने की एक और फूहड़ कोशिश

शीर्षक मैनेज करने और खबर बनाने की एक और फूहड़ कोशिश

सोशल मीडिया पर कल महिला खिलाड़ियों का यह एक जैसा ट्वीट घूम रहा था। इसमें पहले ट्वीट को देखिए, मूल संदेश से पहले ‘टेक्स्ट’ लिखा हुआ है। इससे लगता है कि यह संदेश सबों को भेजकर कहा गया होगा ट्वीट करने के लिए और पूजा ढांडा ने इसे ‘टेक्स्ट’ समेत ट्वीट कर दिया। अंग्रेजी के […]

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 क्या आप इन ढाई महीने के लिए चैनल देखना बंद नहीं कर सकते?

क्या आप इन ढाई महीने के लिए चैनल देखना बंद नहीं कर सकते?

अगर आप अपनी नागरिकता को बचाना चाहते हैं तो न्यूज़ चैनलों को देखना बंद कर दें। अगर आप लोकतंत्र में एक ज़िम्मेदार नागरिक के रूप में भूमिका निभाना चाहते हैं तो न्यूज़ चैनलों को देखना बंद कर दें। अगर आप अपने बच्चों को सांप्रदायिकता से बचाना से बचाना चाहते हैं तो न्यूज़ चैनलों को देखना […]

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 वाह रे मीडिया, अभिनंदन को भारत तो आ जाने देते ….. !

वाह रे मीडिया, अभिनंदन को भारत तो आ जाने देते ….. !

भारतीय मीडिया निहायत ही बदमिज़ाज और सत्ता का चाटुकार है. पाकिस्तान ने अभिनंदन को छोड़ने का फैसला लिया तो हेडलाइंस लग रही हैं: ‘झुक गया पाकिस्तान’, ‘डर गया पाकिस्तान’. मीडिया को टीआरपी और सर्कुलेशन के लिए तनाव चाहिए. युद्ध जैसे हालात चाहिए. इसके दो फ़ायदे हैं. पहला, तथ्यों की परवाह नहीं रहती. कुछ भी बोलकर […]

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 अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस –  मीडिया की स्वतंत्रता है बुनियादी जरूरत

अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस – मीडिया की स्वतंत्रता है बुनियादी जरूरत

3 मई को अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रेस की आज़ादी को लेकर इस दिन की शुरुआत की थी. प्रत्येक लोकतांत्रिक और जागरूक देश में प्रेस या मीडिया की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है. प्रेस किसी भी समाज का आइना होता है. प्रेस की आज़ादी से यह बात साबित […]

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 ये पत्रकारिता नही है बंधू

ये पत्रकारिता नही है बंधू

सवाल ये है कि आज पत्रकारिता किधर जा रही है ? आज का पत्रकार ,पत्रकार है या फिर ज़ोर , ज़ोर से चीखने वाला , धमकाने वाला या फिर अपने डिबेट में किसी को बुला कर बेइज़्ज़त करने वाला ,मज़ाक उड़ाने वाला गुंडा। जब , जब टीवी चैनल की बहस देखो दिमाग खराब हो जाता […]

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