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कच्छ पुलिस घर से उठा ले गई थी, उसके बाद से घर नहीं लौटा "माजिद"

कच्छ पुलिस घर से उठा ले गई थी, उसके बाद से घर नहीं लौटा "माजिद"

मामला है गुजरात राज्य के कच्छ जिले के भुज शहर का है. 19/7/2018 को माजिद आदम थेबा और उनकी बीवी आशियाना माजिद थेबा अपने घर पर खाना खा रहे थे, समय था तकरीबन 9:30 उसी समय घर का दरवाजा खटखटाया गया, माजिद ने दरवाजा खोला तो पुलिस वैन2 के ड्राइवर और पुलिस अधिकारी रमेश सिंह के साथ दो पुलिस वाले थे वह घर में घुस आए और पूछने लगे तू ही माजिद है? जब माजिद ने सकारात्मक जवाब दिया तो पुलिस ने उसे उसकी पत्नि के सामने ही पीटना शुरू कर दिया.
माजिद की पत्नि गर्भवती है फिर भी बीच में छुड़ाने के इरादे से आई तो उसे भी पीटा गया और गाली गलौच की, जब आशियाना ठेबा ने पूछा की हमारा गुनाह क्या है? तो जवाब में पुलिस ने कहा की तुम पर एक साल पहले का एक केस दर्ज है, ऐसा कहकर पुलिस माजिद को उठा ले गई और जांच के नाम पर माजिद का सेलफोन भी साथ में ले गई।
इस घटना के बाद माजिद की बीवी इलाज के लिए हॉस्पिटल में एडमिट हो गई, रात के 2 बजे उनको हॉस्पिटल से छुट्टी दी गई, जब वह अपने घर वापिस आ रही थी तब एक पुलिस वाले ने उसको रोका और पूछा कौन हो आप? जब आशियाना ने जवाब दिया तो उनसे कहा गया की आप अभी इस वक्त ऑटो करके ज्यूबिल ग्राउंड A डिवीजन पहुँचिये, वहा आपको बुला रहे है।
जब आशियाना माजिद वहा पहुंची तो, वहां पर वही तीन पुलिस वाले मौजूद थे. जिन्होंने माजिद को उठाया था, वह लोग वहा भी उसे धमकाने लगे, बेल्ट से मारा गया. आशियाना मजीद का कहना है, A डिवीजन में सारी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है, अगर वह फुटेज पुलिस दिखा दे तो पूरी घटना सामने आ जाएगी।
दिनांक 19/7/2018 रात 10 बजे से माजिद गायब है और माजिद के नंबर (9879866155/ 9099676212) भी बंद आ रहे हैं। इस मामले की खबर जब वहाँ मौजूद अन्य लोगों को लगी तो वहा के लोगों ने मामला उठाया, थाने में लोगों ने सवाल किया अगर माजिद पर कोई केस था भी तो आप ऐसे अचानक घर से उठाकर कैसे ले गए? उसकी बीवी को पीटा कैसे? कौन से संविधान में लिखा है यह सब?
इस पर पुलिस अधिकारी ने जवाब देते हुए कहा की हमने उसको छोड़ दिया था और जब लोगों ने सीसीटीवी फुटेज मागा तो कहा की कैमेरा बंद है.
अब सवाल यह बनता है की अगर माजिद को छोड़ दिया तो वह गया कहाँ? कम से कम वह अपनी बीवी को कॉल तो करता ही? उसका फोन जो बंद हुआ है, उसके बाद से खुला ही नहीं है. जो पुलिस हर जगह जबरन कैमरे लगवाती है और और कैमरे बंद होने पर दंडात्मक कार्यवाही भी करती है, उसी के थाने में कैमरे बंद कैसे हो सकते है?
हालात साफ बयान कर रहे है की माजिद के साथ बहुत बड़ी अनहोनी हुई है और ऐसा लगता है हम एक और नजीब को गायब होता देख रहे हैं, खैर मदद करने वाले मदद कर रहे है आपसे भी हो सके मदद करिए चाहे लिखकर या जमीन पर आकर बस आवाज उठाइए पूछिए इस संघी पुलिस से की where is majid?

ज़ुबैर शैख
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