घुसपैठ, नागरिकता संशोधन कानून और संविधान

घुसपैठ, नागरिकता संशोधन कानून और संविधान

1947 में भारत आज़ाद तो हुआ पर दो भागों में बंट कर। एक भाग धार्मिक आधार पर इस्लामी मुल्क बना, दूसरा भाग जिसने स्वाधीनता संग्राम के मूल्यों और भारतीय संस्कृति की आत्मा सर्वधर्म समभाव के मार्ग को चुना एक उदार और पंथनिरपेक्ष देश बना रहा। बंटवारे की बात जब चल रही थी तो शायद ही […]

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 संविधान से टकराते राजनीतिक दलों के घोषणापत्र

संविधान से टकराते राजनीतिक दलों के घोषणापत्र

काफी पहले, अकाली दल ने भी एक घोषणा पत्र बनाया था। वही अकाली दल जो भाजपा का सहयोगी है। जिसे आनन्दपुर साहब प्रस्ताव के नाम से जाना जाता है। उसमें जो बातें कहीं गयीं थीं, वह देश के संविधान के विरूद्ध थी। इस प्रस्ताव में पंजाब को एक स्वायत्त राज्य के रूप में स्वीकारने तथा […]

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 आईये जानें, क्या है "भारतीय संविधान की प्रस्तावना"

आईये जानें, क्या है "भारतीय संविधान की प्रस्तावना"

‘हम भारत के लोग’, भारत को लोकतांत्रिक,संप्रभुत्व ,धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों में बांधने वाला भारत का एकमात्र ग्रंथ(संविधान) इन्हीं शब्दों से आरंभ होता है। देश की आत्मा को स्वयं में बसाये संविधान विभिन्नताओं से भरे इस राष्ट्र को एक सूत्र में बंधने का सर्वप्रथम साधन है। संविधान का आरंभ ‘प्रस्तावना’से होता है संविधान के उद्देश्यों को […]

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 देश के लिए धर्मनिरपेक्षता और संविधान का महत्व

देश के लिए धर्मनिरपेक्षता और संविधान का महत्व

एक वक्त वह भी था जहां हम भारत को एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र और विभिन्न संप्रदायों के समूहों का देश, के रूप में देख सकते थे और इस बाबत संविधान या किसी और दस्तावेज़ में किसी प्रकार की कोई घोषणा करने की कहीं जरूरत नहीं थी. ना ही किसी प्रकार के आधिकारिक ऐलान की जरूरत थी. […]

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 संविधान की प्रस्तावना और वर्तमान भारतीय समाज

संविधान की प्रस्तावना और वर्तमान भारतीय समाज

“हम भारत के लोग भारत को एक संप्रभु , समाजवादी,धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणतंत्र में विधिवत तौर पर गठित करने का संकल्प करते है और इसके सभी नागरिकों के लिए न्याय समाजिक,आर्थिक और राजनीतिक, स्वतन्त्रता-विचार अभिव्यक्ति, विश्वास, निष्ठा तथा पूजा की समानता स्तर तथा अवसर को सुनिश्चित करना और सभी नागरिकों के बीच प्रोत्साहित करना भ्रातत्व तथा […]

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