दिन ब दिन विवादित हो रहा है “मुंबई क्रूज़ ड्रग केस”

दिन ब दिन विवादित हो रहा है “मुंबई क्रूज़ ड्रग केस”

अब इस हाई प्रोफाइल मामले में जांच कर रहे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो  के अधिकारी समीर वानखेड़े ने खुद के लिए कानूनी सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने मुंबई पुलिस को ‘Don’t-Arrest-Me’ का खत लिखा है। अपने को फंसाए जाने का डर जाहिर करते हुए उन्होंने कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा मांगी है। इसके साथ ही, इस […]

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 एक स्वतंत्र एक्सपर्ट कमेटी करेगी पेगासस जासूसी की जांच

एक स्वतंत्र एक्सपर्ट कमेटी करेगी पेगासस जासूसी की जांच

सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरुवार को पेगासस स्पाइवेयर का उपयोग कर राजनेताओं, पत्रकारों, कार्यकर्ताओं आदि की व्यापक और लक्षित निगरानी के आरोपों की जांच के लिए एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति के गठन का आदेश दिया। समिति के कामकाज की देखरेख सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरवी रवींद्रन करेंगे। इस कार्य में पर्यवेक्षक न्यायाधीश की […]

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 मौलाना आज़ाद के विचार और उनका लेखन

मौलाना आज़ाद के विचार और उनका लेखन

सबसे कठिन होता है धार्मिक कट्टरता और धर्मान्धता से उबल रहे समाज में, सेक्युलर सोच या सर्वधर्म समभाव के, सार्वभौम और सनातन मूल्यों को बचाये रखना, उन पर टिके रहना और उनके पक्ष में मुखरता से अपनी बात रखना। समाज जैसे जैसे धर्मान्धता के पंक में धंसता जाता है,  वह अपने हमअकीदा से भी यह […]

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 ‘चरखे से आजादी नहीं मिली’ कहने वाले, यह जरूर पढ़ लें

‘चरखे से आजादी नहीं मिली’ कहने वाले, यह जरूर पढ़ लें

बीसवीं सदी के इतिहास पर जब भी चर्चा छिड़ेगी, महात्मा गांधी की स्थिति उस कालखंड की सबसे महत्वपूर्ण शख्सियत के रूप में मानी जायेगी। उनका योगदान भारत के स्वाधीनता संग्राम में तो है ही, पर उनका सबसे बड़ा योगदान है भारत के जनमानस में गहरे पैठे ब्रिटिश साम्राज्य के डर को निकाल देना । राजनीतिक […]

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 जब लाहौर जेल में भगत सिंह से मिले पंडित नेहरू

जब लाहौर जेल में भगत सिंह से मिले पंडित नेहरू

हम एक बेशुमार गढ़े जा रहे झूठ और गोएबेलिज़्म के दौर से गुजर रहे हैं। इस दौर में इतिहास की नयी-नयी व्याख्या की जा रही है, या कहें, नयी-नयी व्याख्याये गढ़ी जा रही है। चाहे प्राचीन भारतीय इतिहास हो, या  इतिहास का मध्यकालीन भाग या 1757 ई. के बाद का आधुनिक भारत या आधुनिक भारत […]

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 जानकारी के अधिकार से महरूम हो रही है जनता

जानकारी के अधिकार से महरूम हो रही है जनता

अमेरिका से सीधे वे सेंट्रल विस्टा पहुंचे। यह आकस्मिक मुआयना था। पर जनता के धन से बन रहे इस सेंट्रल विस्टा की फ़ोटो तो सरकार ने प्रतिबंधित कर रखी है। वहां कोई पत्रकार नही जा सकता और न ही कोई उस परियोजना की प्रगति की खबर जनता को बता सकता है। ऐसा भी नहीं है […]

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 पीएम मोदी की तारीफ़ वाले अमरीकी अखबार की फ़ेक न्यूज़ आपके पास भी आई क्या ?

पीएम मोदी की तारीफ़ वाले अमरीकी अखबार की फ़ेक न्यूज़ आपके पास भी आई क्या ?

झूठ और साजिश के लिये भी हुनर चाहिए। पर जब, यह सब करने की आदत और इरादा तो हो, हुनर न हो तो वही झूठ और साज़िश, बहुत जल्द एक्सपोज भी हो जाता है, और फिर जो भद्द पिटती है, वह अलग। बीजेपी का आईटीसेल, कभी इतिहास को लेकर, तो कभी भूगोल को लेकर, तो […]

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 जो झूठ पहले छिप कर बोला जाता था, अब खुले आम बोला जा रहा है

जो झूठ पहले छिप कर बोला जाता था, अब खुले आम बोला जा रहा है

2014 के बाद देश की राजनीति में सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन यह आया है कि झूठ या फर्जीवाड़ा, जो पहले लुकछिप पर कुछ अपराध बोध के साथ बोला या किया जाता था, वह अब आम होने लगा है। खुलकर होने लगा है। राजनीति में सत्य और असत्य का भेद वैसे भी कभी नहीं रहा है और […]

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 आयकर व ईडी के छापों और सरकार की आलोचना में क्या कोई अन्तर्सम्बन्ध है ?

आयकर व ईडी के छापों और सरकार की आलोचना में क्या कोई अन्तर्सम्बन्ध है ?

आयकर और ईडी के छापे 2014 के पहले भी पड़ते थे और अब भी पड़ रहे हैं तथा आगे भी पड़ते रहेंगे। पर यह छापे अधिकतर व्यपारियों या संदिग्ध लेनदेन करने वालों, आय से अधिक संपत्ति की जांच में दोषी या संदिग्ध पाए जाने वाले अफसरों पर पड़ते थे। तब इन छापों की खबरों पर […]

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 महात्मा गांधी से क्यों चिढ़ते हैं दक्षिण पंथी ?

महात्मा गांधी से क्यों चिढ़ते हैं दक्षिण पंथी ?

मैं 1945 में अग्रणी में हिंदू महासभा और आरएसएस का वह कार्टून नही भूलता, जिंसमे सावरकर और डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, तीर लेकर, दशानन रावण के रूप में चित्रित गांधी के ऊपर शर संधान कर रहे हैं। गांधी के दस शिर के रूप में नेहरू, पटेल, आज़ाद और अन्य स्वाधीनता संग्राम के महत्वपूर्ण नेता है। […]

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