1934 से 1948 तक, महात्मा गांधी की हत्या के कई प्रयास हो चुके थे

1934 से 1948 तक, महात्मा गांधी की हत्या के कई प्रयास हो चुके थे

गांधी की हत्या के प्रयास 1934 से ही किये जा रहे थे। गांधीजी भारत आये उसके बाद उनकी हत्या का पहला प्रयास 25 जून, 1934 को किया गया। पूना में गांधीजी एक सभा को सम्बोधित करने के लिए जा रहे थे, तब उनकी मोटर पर बम फेंका गया था। गांधीजी पीछे वाली मोटर में थे, […]

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 पटेल ने तो गोडसे समर्थकों को 1948 में ही पागलों का झुंड और कायर कहा था

पटेल ने तो गोडसे समर्थकों को 1948 में ही पागलों का झुंड और कायर कहा था

संसद में 27 नवंबर को भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर द्वारा गोडसे के महिमामंडन पर देश मे व्यापक निदात्मक प्रतिक्रिया हुयी और कल ही सरकार ने इन सारी प्रतिक्रियाओं से असहज होते हुये, आज 28 नवम्बर को बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को रक्षा मंत्रालय की समिति से हटा दिया गया है। सांसद प्रज्ञा […]

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 प्रज्ञा ठाकुर ने हत्यारे गोडसे को देशभक्त बताकर किसके मन की बात कह दी?

प्रज्ञा ठाकुर ने हत्यारे गोडसे को देशभक्त बताकर किसके मन की बात कह दी?

प्रज्ञा ठाकुर ने अपने मन का ही सच नहीं बल्कि अपने गिरोह और गिरोह के सरदार सहित सभी लोगों के मन की बात देश की सर्वोच्च पंचायत में कह दी। प्रज्ञा ठाकुर ही नहीं पूरा संघ और उसके समर्थक गोडसे को देशभक्त ही मानते हैं। उनके देशभक्ति की क्या परिभाषा है, यह तो वही बता […]

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 30 जनवरी 1948: इतिहास का वो काला दिन

30 जनवरी 1948: इतिहास का वो काला दिन

30 जनवरी भारतीय इतिहास का वह काला दिन है जब देश ने अपने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को खोया था. इसी दिन हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या कर दी गयी थी. गांधी जी की हत्या के पीछे जो भी कारण रहे हो पर सच तो यह है कि देश को इसका बहुत बड़ा नुकसान उठाना […]

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 किसने कहा- गोडसे आज़ाद भारत का पहला आतंकवादी

किसने कहा- गोडसे आज़ाद भारत का पहला आतंकवादी

जैसा कि सबको ज्ञात हे कि पिछले कुछ समय से महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को कुछ देशविरोधी तत्व सोशलमीडिया से लेकर मेनस्ट्रीम मीडिया तक में महिमामंडित करने से गुरेज़ नहीं कर रहे हैं. आखिर ऐसा क्या हो गया है, कि अचानक से संघ और अन्य दक्षिणपंथी समूहों से जुड़े लोग एकाएक इस हत्यारे […]

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 वे लग गए गाँधी जैसा दिखने की कोशिश में, मगर क्या कोई बन सकता है गांधी ?

वे लग गए गाँधी जैसा दिखने की कोशिश में, मगर क्या कोई बन सकता है गांधी ?

बहुत दिन बीते हमारे मुल्क में गाँधी जी पैदा हुए थे। बड़ी लड़ाई लड़ी उन्होंने। अपने मुल्क में भी और दीगर देश में भी। दूसरों की चोट से खुद चोटिल होते रहे और दूसरों को अपना समझकर उनके दुख-तकलीफों के निदान में खुद को होम करते रहे। अपने को जलाते-जलाते अपने मुल्क में उजाला ला […]

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