व्यंग – जब नुक्कड़ में मेरा सामना नए नए राष्ट्रवादी से हुआ

व्यंग – जब नुक्कड़ में मेरा सामना नए नए राष्ट्रवादी से हुआ

उस तरफ नुक्कड़ पे एक नवोदित राष्ट्रवादी भाई मिल गए थे। बड़े विद्वान, आधुनिक और आला-मिजाज… खिजाब से रँगे बालों का घना गुलछट, माथे पर तिलक, दाढ़ी-मूँछ सफाचट, कंधे पर केसरिया गमछा, नीली जीन्स और सूती का सफेद कुर्ता! मुँह में पान, कुर्ते की कॉलर के पीछे से झाँकती पीली जनेऊ और पैरों में घिसी […]

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 वर्तमान भारतीय राजनीति का चरित्र घटिया और भयावह हो चला है

वर्तमान भारतीय राजनीति का चरित्र घटिया और भयावह हो चला है

मुद्दे कई हैं नजर में। उनमें से कुछ अहम मुद्दे आज के हिंदुस्तान की जो डरावनी सूरत पेश करते हैं, उन्हें लिखना लाज़िमी जान पड़ा तो लिख रहा हूँ।  सबसे अव्वल तो यह कि मैं बिहार से हूँ और सब दिन बिहार में ही रहा। इसलिए बिहार को जानता भी हूँ अच्छे से। बड़ा प्यार […]

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 व्यंग़ – बहुरुपिया देवता श्री रामोदी

व्यंग़ – बहुरुपिया देवता श्री रामोदी

आजकल हमारे देश में एक नए देवता पैदा हो गए हैं। अब वे खुद ही पैदा हुए या उन्हें भक्तों ने पैदा किया, यह कहना कठिन है। जो भी हो, देवता तो वे अब हो ही चुके हैं। जैसे सभी देवताओं की कुछ अजीबोगरीब विशेषताएं होती हैं, वैसे ही इनकी भी हैं। इनकी मगर कुछ […]

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 वे लग गए गाँधी जैसा दिखने की कोशिश में, मगर क्या कोई बन सकता है गांधी ?

वे लग गए गाँधी जैसा दिखने की कोशिश में, मगर क्या कोई बन सकता है गांधी ?

बहुत दिन बीते हमारे मुल्क में गाँधी जी पैदा हुए थे। बड़ी लड़ाई लड़ी उन्होंने। अपने मुल्क में भी और दीगर देश में भी। दूसरों की चोट से खुद चोटिल होते रहे और दूसरों को अपना समझकर उनके दुख-तकलीफों के निदान में खुद को होम करते रहे। अपने को जलाते-जलाते अपने मुल्क में उजाला ला […]

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 क्या जमहूरियत और कश्मीरियत की आवाज में ही कुछ खराबी थी?

क्या जमहूरियत और कश्मीरियत की आवाज में ही कुछ खराबी थी?

कुल आठ लाशें गिरीं। आदमियों की लाशें… लोकतंत्र के कथित पोषकों की लाशें। दो दर्जन से भी अधिक लोग जख्मी हुए…! शायद लोकतंत्र थोड़ा और मरा या फिर भारत माता ही थोड़ी और जख्मी हो गयी। जो भी हो… लहू बहा। चीखें मचीं। सिंदूर पुछा। भारत माता के कई बच्चों के परिवारों में मातम मना। […]

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 योगी के एंटी रोमियो स्क्वाड से बेवजह परेशान हो रहे हैं, कई युवा

योगी के एंटी रोमियो स्क्वाड से बेवजह परेशान हो रहे हैं, कई युवा

एंटी रोमियो स्क्वैड… यह बड़ी अजीब सी चीज है, मगर है और फ़िलहाल उत्तर प्रदेश में है। अभी नया-नया लाया गया है और श्री योगी जी सत्ता में आये तो इसे भी साथ ही लिए आये। यह वो दस्ता है जो प्रेमियों या प्रेमालाप करते युवा-वृद्ध युगलों के विरुद्ध तैयार हुआ है। यानि आप प्रेम […]

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 नफ़रत की उपजाऊ ज़मीन है, सोशल मीडिया पर ब्रेनवाश का सिस्टम

नफ़रत की उपजाऊ ज़मीन है, सोशल मीडिया पर ब्रेनवाश का सिस्टम

हमारे भारत में बहुत लोग बसते हैं। हमारी तादाद भारी है। उसमें नयी उम्र के लोग कहिये तो काफी से भी ज्यादा हैं। हमारे इस प्यारे से देश में आज भी गाँव और छोटे शहर ही ज्यादा हैं। और ऐसे हर शहर और हर छोटे-बड़े गाँव में पल रहे युवाओं में फैशन का शौक टीवी […]

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कविता – बस स्मृति हैं शेष

अति सुकोमल साँझ- सूर्यातप मधुर; सन्देश-चिरनूतन, विहगगण मुक्त: कोई भ्रांतिपूर्ण प्रकाश असहज भी, सहज भी, शांत अरु उद्भ्रांत… कोई आँख जिसको खोजती थी! पा सका न प्रमाण; युतयुत गान; मेरे प्राण ही को बेधते थे| शांति और प्रकाश, उन्मन वे विमल दृग्द्वय समय की बात पर संस्थित मुझे ही खोजते थे| मैं न था, बस […]

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 बापू के भारत का मौजूदा सूरतेहाल

बापू के भारत का मौजूदा सूरतेहाल

बहुत दिन बीते हमारे मुल्क में गाँधी जी पैदा हुए थे। बड़ी लड़ाई लड़ी उन्होंने। अपने मुल्क में भी और दीगर देश में भी। दूसरों की चोट से खुद चोटिल होते रहे और दूसरों को अपना समझकर उनके दुख-तकलीफों के निदान में खुद को होम करते रहे। अपने को जलाते-जलाते अपने मुल्क में उजाला ला […]

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 क्या योगी सबका साथ – सबका विकास की राह अपनायेंगे

क्या योगी सबका साथ – सबका विकास की राह अपनायेंगे

हमारे देश का संविधान गढ़ने वाले लोग इसे धर्मनिरपेक्ष घोषित कर गए। सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सामंजस्य हमारे देश के मेरुदंड बने रहे। सहिष्णुता हमारा पोषण था और विभिन्न वर्गों के लोगों के बीच पलने वाला परस्पर का सौहार्द्र हमारी मूल पूँजी थी। यह हमारी गौरव गाथा है। व्यापक विविधता के बावजूद स्नेहसिक्त एकता का […]

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