प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब सत्ता में आये थे तो उन्होंने खुद को देश का चौकीदार कहा था. साथ ही उन्होंने खुदको प्रधानमंत्री कहने से मना करते हुए “प्रधानसेवक’ शब्द का उपयोग किया था. आये दिन अपने भाषणों में खुदके लिए और विरोधियों के लिए अलग-अलग शब्दों का उपयोग पीएम मोदी ने एक अलग पहचान बनाई है.

उनके द्वारा उपयोग किये जाने वाले शब्दों के कारण वो विरोधियों के निशाने पर भी आते रहते हैं. जैसे कि जब मेहुल चौकसी और नीरव मोदी भारतीय बैंकों से क़र्ज़ लेकर देश से भाग गए तो लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी का मज़ाक बनाते हुए कहा था कि “चौकीदार मोदी सोते रहे और पैसा लेकर चौकसी और नीरव मोदी भाग गए”.

हाल ही में पीएम मोदी ने राहुल गांधी को शहज़ादा की जगह श्रीमान नामदार कहकर संबोधित करना शुरू किया तो राहुल गांधी ने पीएम मोदी को उद्योगपतियों का भागीदार बताते हुए हमला बोला था. शब्दों के इस खेल में दोनों एक दूसरे को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ते.

फ़िलहाल नरेंद्र मोदी समाजवादी पार्टी प्रवक्ता जूही सिंह के निशाने पर हैं, सपा प्रवक्ता ने नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया है- “चौकीदार,कामदार,नामदार, ठेकेदार ,भागीदार कर्जदार, सभी शब्द सुन लिए , जिम्मेदार शब्द कब सुनेंगे इसका अभी है इंतज़ार”

जूही सिंह के इस ट्वीट के बाद बहुत से ट्वीट आये, पीएम मोदी के समर्थन और विरोध में आये ट्वीट कुछ इस प्रकार थे