एक्टिविस्ट खालिद सैफी को दिल्ली पुलिस ने 26 फ़रवरी को खुरेजी की प्रोटेस्ट साईट के पास से गिरफ़्तार किया था। उन पर अटेम्पट टू मर्डर का केस लगाकर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। ICLU और यूनाईटेड अगैन्स्ट हेट से जुड़ी एडवोकेट तमन्ना पंकज ने हमें बताया कि खालिद सैफी के साथ पुलिस हिरासत में बुरी तरह प्रताड़ित किया गया है।
एडवोकेट तमन्ना पंकज ने हमें बताया कि – जब पुलिस ने खालिद सैफी को खुरेजी से गिरफ़्तार किया, तब खालिद बिल्कुल ठीक ठाक स्थिति में थे और पुलिस से बात करने के लिए पैदल जा रहे थे । पर जब उन्हे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और उनके कारीबियों के साथ वह खुद जब उनसे मिलकर लौटीं तो खालिद सैफी के दोनों पैरों में प्लास्टर बंधा हुआ था। जब उन्हे मेडिकल चैकअप के लिए ले जाया गया तो वो व्हील चेयर में थे। साथ ही तमन्ना ने हमें ये भी बताया की जब खालिद सैफी से उनकी पत्नी मिलने गईं तो उन्होंने देखा कि खालिद की पीठ में मार के नीले और लाल निशान थे।

इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि खालिद सैफी पुलिस से बात करने के लिए जाते समय पैदल चल रहे हैं

पत्रकार पंकज चतुर्वेदी ने पूरी घटना का विवरण अपनी 27 फ़रवरी की फ़ेसबुक पोस्ट में लिखा है, हम उनकी उस पोस्ट का एक हिस्सा पेश कर रहे हैं

ये हैं हमारे खालिद सैफी जी, ईमान ओर धर्म निरपेक्षता के कट्टर, दिल्ली के खुरेजी में इनकी अपील पर सीएए विरोधी आंदोलन चल रहा था, बेहद शान्ति से पूरा आंदोलन महिलाओं ने सम्भाला हुआ था। हाँ एक बात और, खुरेजी दिल्ली के उन इलाकों से कई किलोमीटर दूर है जहां अशांति हैं। कल दिन में पुलिस के सैंकडों जवानों ने खुरेजी के धरना स्थल पर हमला किया, मंच, टेंट आदि तोड़ा। वहाँ लगे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए, सामान ट्रकों में लदवा कर दूर फिंकवा दिया गया।
जब खालिद सैफी उनसे बात करने गए तो उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया, इलाके की कांग्रेस से पूर्व पार्षद इशरत जहां बीच में आयीं तो उन्हें निर्ममता से मारा ओर जीप में धकेल दिया। साथ में कोई पांच लोगों को पुलिस ने पकड़ा। इन लोगों को जगत पुरी थाने ले जाया गया, जब अनस तनवीर के नेतृत्व में वकील वहाँ पहुंचे तो पुलिस वालों ने उन्हें भी मारा, महिला वकीलों को पुरुष पुलिस ने मारा। शाम को पता चला कि खालिद भाई के दोनों पैर तोड़ दिए, इनके साथ के एक व्यक्ति का हाथ तोड़ दिया, इशरत जहां को भी गंभीर छोटे हैं।  थाने में इनको मारते समय जबरदस्ती जय श्री राम के नारे लगवाए गए।
Image may contain: 11 people, including Tamanna Pankaj, people standing
रात साढ़े आठ बजे कडकड डूमा कोर्ट में पेश किया, तो पता चला कि इन सबको हत्या के प्रयास अर्थ दफा 307 जैसी गंभीर धाराओं आ मुजरिम बना दिया गया, कोर्ट ने 14 दिन कि न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
खालिद भाई Symbiosis International University से पढ़े हुए व्यवसायी हैं। जिनसे कई लोगों को रोजगार मिला है, वे यूनाईटेड अगेंस्ट हेट संस्था के आधारभूत सदस्य हैं। देश में जब कोई सांप्रदायिक या मानवाधिकार का संकट खड़ा हुआ, खालिद जी सामने आ कर प्रतिरोध करने वाला चेहरा रही हैं।
जाहिर है कि अब आगे कि लड़ाई अदालत में होगी। लेकिन यह तय है, कि यह फर्जी जेम्स बॉन्ड के गलियों में जाने का असर है, पूरी तरह सांप्रदायिक हो गयी दिल्ली पुलिस को अब यह छूट मिल गयी है, कि वे जाति-धर्म के आधार पर लोगों को पकडें मुकदमें ठोके, मारें जेल भेजें, एक साथ कई मोर्चों पर मानवाधिकार कार्यकर्ता अटक गए हैं।

वहीं खालिद सैफी को गिरफ़्तार कर गैरकानूनी तरीके से उन पर हत्या की कोशिश की धाराएं लगाने पर लोग कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। स्वराज इंडिया पार्टी के प्रमुख योगेंद्र यादव ने ट्वीट किया है।

खालिद सैफी की गिरफ्तारी और यातना चौंकाने वाली है। मैंने उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानता हूँ। उन्होंने मुझे जफराबाद के प्रदर्शनकारियों से सड़क की नाकाबंदी हटाने के लिए बोलने में मदद की। उन्होंने खुरेजी में सड़क खोलने को सुनिश्चित किया। उन पर हत्या के प्रयास का आरोप लगाना हास्यास्पद हैं। शर्मनाक है, कि उन्हे पुलिस हिरासत में यातना दी गई।

अन्य लोगों ने भी खालिद सैफी की गिरफ़्तारी और प्रताड़ना पर अपनी  प्रतिक्रिया दी है


 

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