श्रीनगर, दिल्ली : कश्मीर में जारी हिंसा के बीच हालात का जायज़ा लेने कश्मीर गए हैं केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह.  राजनाथ के इस दौरे के बीच  भाजपा+पीडीपी के  गठबंधन वाली जम्मू एवं कश्मीर सरकार के बीच तालमेल की भारी कमी समझ में आई. कश्मीर के दो दिन के दौरे पर गए राजनाथ सिंह की चुनौती काफी बड़ी है. घाटी में कर्फ्यू का सिलसिला लगातार जारी है और हिंसा का दौर ख़त्म नहीं हो रहा. ऐसे समय में केंद्र एवं राज्य में तालमेल न होना चिंता का विषय है.
जम्मू-कश्मीर के दो दिन के दौरे पर राजनाथ सिंह बुधवार को श्रीनगर पहुंचे. जाने से पहले ट्वीट किया, ‘मैं नेहरू गेस्ट हाउस में ठहरूंगा, जिनका कश्मीरियत, इंसानियत और जम्हूरियत पर यक़ीन है, उनका स्वागत है.’ पिछले दिनों वित्तमंत्री अरुण जेटली के बयान को लेकर पीडीपी बुरी तरह नाराज़ है. तथा कुछ लोगों का ऐसा मानना है, कि राजनाथ सिंह उसी नाराज़गी को दूर करने के लिए जम्मू एवं कश्मीर भेजे गए हैं. अब गृहमंत्री को इन सारे मसलों को निबटाना होगा और राजनीतिक बयानबाज़ी से हुए नुक़सान की भी भरपाई करनी होगी. पीडीपी इस बात से नाराज़ है कि प्रधानमंत्री की ओर से शांति की पहल तब हुई जब घाटी के विपक्ष के नेता उनसे मिले. जबकि पीडीपी के कहने पर केंद्र सरकार ने ध्यान नहीं दिया. अब दोनों की साझा सरकार के सामने आपसी भरोसा बहाल करने की भी चुनौती है.

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