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पिछड़ जायेगी महिंद्रा, ये कंपनी बनेगी UV सेक्टर की दिग्गज

पिछड़ जायेगी महिंद्रा, ये कंपनी बनेगी UV सेक्टर की दिग्गज

जापानी वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी जल्द ही भारत की सबसे बड़ी यूवी वाहन निर्माता कंपनी बन जाएगी.वित्त वर्ष 2018 के अंत तक कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा को पछाड़कर शीर्ष स्थान पर आ जाएगी.इस वित्त वर्ष के खत्म होने में केवल कुछ ही महीनें बचे हैं और उनके डेटा सामने आने हैं और सुजुकी मोटर की लोकल यूनिट ने महिंद्रा से लगभग 21,700 यूनिट्स आगे है.पिछले पांच सालों में मारुति ने यूवी सेगमेंट में काफी वृद्धि की है और महिंद्रा को कड़ी टक्कर दी है.
महिंद्रा के ग्राफ में आई गिरावट
मारुति ने यूटिलिटी व्हीकल मार्केट में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए विटारा ब्रेजा और एस क्रॉस जैसे मॉडल लॉन्च किए हैं. वहीं महिंद्रा के ग्राफ में गिरावट नजर आई. महिंद्रा की स्कॉर्पियो और एक्सयूवी 500 को वैसी प्रतिक्रिया नहीं मिली जैसी कंपनी को उम्मीद थी.मारुति के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (मार्केटिंग एंड सेल्स) आरएस काल्सी के मुताबिक वर्ष के जनवरी-अप्रैल अवधी में कंपनी यूटिलिटी व्हीकल मार्केट में 28 फीसदी की हिस्सेदारी हासिल कर लेगी. बता दें कि पैसेंजर व्हीकल मार्केट में मारुति की हिस्सेदारी पहले से ही 50 फीसदी की है.कंपनी ने पिछले पांच सालों में 7 फीसदी से 28 फीसदी तक का सफर तय किया है.
जल्द ही लॉन्च होगी नई कार
आरएस कल्सी ने कहा कि कंपनी ग्राहकों की मांग पर ब्रेजा को विकसित किया है, जो लोगों को पसंद आ रही है. उन्होंने कहा कि महिंद्रा के मार्केट हिस्सेदारी में गिरावट जरूर आई है.आने वाले कुछ महीनों में मारुति तीन नए प्लेटफॉर्म पर आधारित नए प्रोडक्ट बाजार में पेश करेगी.
वहीं महिंद्रा के प्रवक्ता का कहना है कि कंपनी को पूरा विश्वास है कि वह नए प्रोडक्ट्स की लॉन्चिंग के साथ ही अपनी पुरानी स्थिति में वापस पहुंच जाएगी.लेकिन मारुति जल्द ही नई अर्टिगा लॉन्च करने वाली है, जिसका मतलब है कि महिंद्रा के लिए ये आसान नहीं होगा.
क्या कहते हैं आंकड़े
बता दें कि बीते सालों में मारुति ने यूटिलिटी व्हीकल मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए काफी मेहनत की है. कंपनी ने साल 2012 में अर्टिगा लॉन्च की थी और साल 2015 में कंपनी ब्रेजा लेकर आई.वहीं महिंद्रा की केयूवी 100 और टीयूवी 300 को उतनी सफलता नहीं मिली जितनी कंपनी को उम्मीद थी. इसका कारण कार की कीमत, माइलेज, पावर और कुछ छोटी मोटी क्वालिटी की दिक्कते हैं. वर्तमान वित्त वर्ष के 11 महीनों में मारुति ने कुल 230,995 यूटिलिटी व्हीकल बेची हैं, जबकि महिंद्रा ने 209,322 यूनिट्स बेची हैं.

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