कर्नाटक के ज्ञानयोगाश्रम विजयपुर के संत सिद्धेश्वर स्वामी ने केंद्र सरकार की ओर से प्रदान किया जाने वाले पद्म पुरस्कार को लेने से इंकार कर दिया है. भारत सरकार ने संत सिद्धेश्वर को ‘पद्मश्री’ से सम्मानित करने का ऐलान किया था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे खत में स्वामीजी ने कहा है कि एक संन्यासी होने के नाते उनकी दिलचस्पी अवॉर्ड्स में नहीं है. स्वामी सिद्धेश्वर ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा कि वह संन्यासी एवं आध्यात्मिक व्यक्ति हैं और उन्हें किसी पुरस्कार की इच्छा नहीं है.
 


ज्ञात रहे कि, हाल में घोषित हुए पद्मश्री सम्मान के लिए सिद्धेश्वर स्वामीजी को भी चुना गया था, लेकिन उन्होंने इसके लिए इनकार कर दिया है. उन्होंने पीएम मोदी को पत्र में लिखा है, ‘मैं सम्मानित पद्मश्री अवॉर्ड दिए जाने के लिए भारत सरकार को धन्यवाद देता हूं, लेकिन आपके और सरकार के पूरे सम्मान के साथ मैं आपसे कहना चाहता हूं कि मैं यह अवॉर्ड नहीं लेना चाहता.
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर भारत सरकार ने देश के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया था. इनमें कला, संस्कृति, खेल के साथ मानव सेवा के क्षेत्र में अहम योगदान देने वालों को जगह दी गई है.
इस बार 85 लोगों को पद्म अवॉर्ड दिया गया. इसमें से तीन लोगों को पद्म विभूषण, नौ लोगों को पद्म भूषण और 73 लोगों को पद्मश्री से सम्मानित किया गया. गृह मंत्रालय ने कहा कि इस साल सरकार को पद्म पुरस्कारों के लिए 15,700 से ज्यादा आवेदन मिले थे.

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