बिहार के मुजफ्फरपुर बाल संरक्षण गृह के पदाधिकारी रवि रौशन के खिलाफ पीड़ित बच्चियों ने रवि द्वारा प्रताड़ित किये जाने वाले सारे तरीकों को अपने बयान में दर्ज करा दिया है. दरअसल, मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप काण्ड मामले में अब तक 42 में से 34 बच्चियों के साथ रेप की पुष्टि हो गई है. बता दें कि बिहार सरकार इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश पहले ही दे चुकी है.
इस मामले में पुलिस ने रवि रौशन के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की है. ज्ञात होकि रवि रौशन की पत्नी के बयान के बाद ही समाज कल्‍याण मंत्री मंजू वर्मा के पति पर भी आरोप लगे हैं, जिसके बाद से मामला नितीश सरकार के लिए गले कि फाँस बनता जा रहा है.
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने आरोप लगाया कि इसमें समाज कल्याण मंत्री के पति के अलावा बिहार सरकार के एक अन्य मंत्री का भी नाम आया है. हालांकि, इस मामले में समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा और सुरेश शर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर उनके ऊपर लगे ये आरोप साबित होते हैं तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे.
ज्ञात होकि मुजफ्फरपुर बालिका गृह में रह रही 44 लड़कियों में 42 की मेडिकल जांच कराए जाने पर उनमें से 34 के यौन शोषण की पुष्टि हो चुकी है. दो लड़कियों के बीमार होने के कारण उनकी जांच नहीं हो पायी है.
मुजफ्फरपुर बालिका गृह के संचालक ब्रजेश ठाकुर सहित कुल 10 आरोपियों किरण कुमारी, मंजू देवी, इन्दू कुमारी, चन्दा देवी, नेहा कुमारी, हेमा मसीह, विकास कुमार एवं रवि कुमार रौशन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. एक अन्य फरार दिलीप कुमार वर्मा की गिरफ्तारी के लिए इश्तेहार दिए गए हैं और कुर्की की कार्रवाई की जा रही है.
मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की एक टीम ने राज्य के सभी बालिका गृहों का सोशल ऑडिट किया था. टीम ने 26 मई को उसकी रिपोर्ट बिहार सरकार और मुजफ्फरपुर जिला प्रशसन को भेजी, जिसमें यौन शोषण का मामला प्रकाश में आया. इसके बाद मुजफ्फरपुर महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई. विपक्ष के दबाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को सीबीआई जांच की सिफारिश की थी.

About Author

Team TH

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *