उत्तर प्रदेश के मेरठ में फर्जी डिग्रीया बनाने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. ये गिरोह मेरठ में जंगल के अंदर फर्जी डिग्रियों का बड़ा कारोबार चल रहा है, पुलिस के हत्थे एकमात्र कंप्यूटर ऑपरेटर ही चढ़ पाता. जिससे यहां चल रहे गोरखधंधे के बारे में खुलासा किया. उसी ने बताया कि, ये फर्जी डिग्रियां नावेद अली बनाता था.

 

पुलिस ने छापा मारी करते हुई एक को गिरफ्तार किया और इसका खुलासा किया. एसपी देहात राजेश कुमार ने एसओ किठौर राजेन्द्र त्यागी को फर्जी विश्वविद्यालय के संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए.  एसओ किठौर ने कार्रवाई करते हुए आरोपी नावेद अली के खिलाफ धारा 420, 468 और 471 के अंतगर्त मुकदमा दर्ज कर लिया है.

  • पुलिस ने संचालक नावेद के खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन वह अभी पुलिस की गिरफ्त में नही आया है. बताया जा रहा है कि वह राजस्थान में छिपा हुआ है.
  • पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए जानी स्थित घर पर दबिश दी, लेकिन उसके परिजनों से भी पुलिस को कोई खास जानकारी हासिल नहीं हो सकी.

क्या है पुरा मामला

  • किठौर स्थित भटीपुरा के जंगल स्थित एक मकान में एएनजी के नाम से एक कॉलेज संचालित हो रहा था.
  • इस कॉलेज की आड़ में फर्जी डिग्री बांटने का काम किया जाता था.
  • इस काम के लिए उसने बकायदा कुछ कम्प्यूटर ऑपरेटर रखे हुए थे, जिनसे वह इस काम को करवाता था.
  • जंगल में बने इस भवन में कम्प्यूटर से सिंघानिया यूनिवर्सिटी, मोनार्ड यूनिवर्सिटी, जेआरएम विद्यापीठ यूनिवर्सिटी और कई अन्य डीम्ड यूनिवर्सिटीज की फर्जी मार्कशीट बनाई जा रही थी.
  • कम्प्यूटर पर काम कर रहे लोग मौके पर पुलिस को देखकर खिड़की खोलकर जंगल की ओर भाग गए.
  • मौके पर ग्राम प्रधान के लैटर पैड, बेसिक शिक्षा से संबंधित सरकारी आधिकारी से जुड़े कागज के साथ ही मार्कशीट बनाने में इस्तेमाल होने वाले पेपर, प्रिंटर व सॉफ्वेयर की सीडी बरामद हुई है.