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ओलांद के खुलासे के बाद, क्या मोदी सरकार देगी इन सवालों के जवाब ?

फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ओलांद के बयान कि उनके पास विकल्प नहीं था, और भारत सरकार ने जिस ग्रुप का नाम सुझाया, दसाल्ट ने उसे मान लिया, के बाद जो महत्वपूर्ण सवाल उठते हैं, वे इस प्रकार हैं-

सरकार का यह दायित्व है कि वह इस संदेह का निवारण करे। अब वह इस मामले में शंका समाधान कैसे करती है यह सरकार पर निर्भर करता है।