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क्या PM के "गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी" वाले बयान के बाद उनके अपने ही देंगे साथ ?

क्या PM के "गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी" वाले बयान के बाद उनके अपने ही देंगे साथ ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के के द्वारा “गौरक्षा” के नाम पर “गुंडागर्दी” वाले बयान के बाद बवाल मचा हुआ है, बहुत से हिन्दू संगठन प्रधानमन्त्री के विरुद्ध मोर्चा खोले हुए है, आखिल भारतीय हिन्दू महासभा ने तो प्रधानमंत्री की तुलना सांप से करते हुए उनकी फोटो को दूध पिलाकर अपना विरोध दर्ज कराया है. ज्ञात हो पिछले कुछ दिनों से देश भर में गौरक्षा के नाम पर और शक के आधार पर मारपीट की घटनाओं पर यकायक वृद्धि हुई है. जिससे देश में अराजकता का माहौल बनता जा रहा है,शुरुआत दादरी के अखलाक हत्याकांड से हुई और दो साल बाद गुजरात के दलितों की पिटाई तक बात आ पहुंची. गुजरात के ऊना में दलित युवकों को मरी हुई गाय की चमड़ी निकालने पर “गौरक्षा समिति” के लोगों ने शर्ट उतारवाकर, गाड़ी से बांधकर लोहे के पाईप से उनकी पिटाई की थी. इस घटना के बाद जैसे पूरे देश में बवाल मच गया. लोग सवाल कर रहे हैं ” क्या ये गुंडागर्दी गौरक्षा है” ? गौरक्षा के नाम पर मारपीट के आतंक से देश को उबारने के लिए, इस गुंडागर्दी में अंकुश लगाने की आवश्यकता महसूस की गई. इसी बीच गुजरात के दलितों ने जमकर अपना आक्रोश निकाला,अहमदाबाद से लेकर सूरत और मुम्बई तक दलित संगठनों ने रैलियां की, भीड़ जैसे खुद खिंची चली आई. दलित संगठनों ने फैंसला किया कि वो अब मृत गायों का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे, इसी तरह गटर की सफाई का कार्य भी वो नहीं करेंगे. गुजरात में तो कलेक्टर कार्यालयों में दलित समुदाय के लोगों ने मृत गायों और उनके कंकाल विरोध स्वरुप फ़ेंक दी.

फ़ाईल फोटो:- गुजरात के ऊना में दलित युवकों की पिटाई करते गौरक्षा समिति के लोग
फ़ाईल फोटो:- गुजरात के ऊना में दलित युवकों की पिटाई करते गौरक्षा समिति के लोग

आखिरकार प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी को आगे आकर इस मुद्दे पर बोलना पड़ा, उन्होंने गौरक्षा के नाम पर हो रही गुंडागर्दी की भारी भर्त्सना की, पर क्या प्रधानमंत्री के द्वारा गौरक्षा समितियों के द्वारा की जाने वाली गुंडागर्दी के विरुद्ध बयानबाजी उनके समर्थकों को रास आएगी या कितनी रास आई? सोशल मीडिया में प्रधानमंत्री के बयान के कई मायने निकाले गए, कुछ लोगों ने कहा कि इतनी देर क्यों कर दी, क्या आपने मौन समर्थन दे रखा था. वहीँ दक्षिणपंथी संगठनों ने अपना भारी विरोध दर्ज किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बुद्धि-शुद्धि यज्ञ करते हिन्दू महासभा के कार्यकर्त्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बुद्धि-शुद्धि यज्ञ करते हिन्दू महासभा के कार्यकर्त्ता

असल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि एक “हिन्दू राष्ट्रवादी” नेता के रूप में मानी जाती है. उनके मुख से गौरक्षा समितियों को गुंडागर्दी से जोड़ने वाले बयान की कल्पना भी नहीं की गई थी. उनके कुछ समर्थकों का कहना है, की हमें आपसे ये उम्मीद नहीं थी , कि यूपी चुनाव के लिए आप अपने समर्थकों को ही गुंदगर्दी करने वाला कह देंगे. सोशालमीडिया में प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी के समर्थक इसी तरह की प्रतिक्रिया देते पाए जा रहे हैं.
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दादरी काण्ड में भीड़ के द्वारा मारा गया अखलाक और विलाप करते अखलाक के परिवार के सदस्य
दादरी काण्ड में भीड़ के द्वारा मारा गया अखलाक और विलाप करते अखलाक के परिवार के सदस्य

उत्तरप्रदेश के गौतमबुद्धनगर के दादरी काण्ड के बाद भी देश ही नहीं दुनिया भर में भारत में बढती असहिष्णुता पर बहस छिड़ गई थी, दादरी के पास बिसाहडा गाँव के अखलाक के परिवार पर गौमांस के शक में गाँव की भीड़ ने हमला किया था. जिसमे अखलाक़ की मृत्यु हो गई थी, अखलाक के एक पुत्र को भारी चोटें आई थीं. उत्तरप्रदेश पुलिस की लापरवाही से कई दिनों तक अपराधी खुलेआम घुमते रहे. प्रथम जांच में अखलाक़ के घर पाया गया मांस “बकरे का मांस” था, परन्तु आठ महीने बाद फिरसे मेरठ की लैब की रिपोर्ट आई की अखलाक के घर गौमांस था.लोगों का कहना है, की मांस किसी का भी हो पर भीड़ और खुदको गौरक्षकों को फैंसला और सज़ा देने का अधिकार किसने दिया? फैंसला और सजा देने का काम न्यायालय का है.
झारखंड के लातेहार में दो पशु  व्यापारियों को फांसी पर लटका दिया गया था
झारखंड के लातेहार में दो पशु व्यापारियों को फांसी पर लटका दिया गया था

इसी वर्ष झारखण्ड के लातेहार में दो युवकों को मारकर एक पेड़ पर फांसी में लटका दिया गया था, दोनों ही युवक मुस्लिम थे. जिनमे से एक व्यापारी था, तथा दूसरा 14 वर्षीय बालक था. मृत पशु व्यापारी और मृत बालक के परिवार ने इनकी हत्या का आरोप गौरक्षा समिति के लोगों पर लगाया था.
गुडगाँव में बीफ़ ले  जाते ट्रक ड्राईवर और कंडेक्टर को गोबर खिलाया गया
गुडगाँव में बीफ़ ले जाते ट्रक ड्राईवर और कंडेक्टर को गोबर खिलाया गया

गुड़गाँव में दो युवकों को गौरक्षा समिति के लोगों ने गोबर और दही का मिश्रण खिलाया था, जिसके बाद इस कृत्य की बहुत भर्त्सना की गई.
मंदसौर में दो मुस्लिम युवतियों की पिटाई करते गौरक्षा समिति के लोग व पुलिस
मंदसौर में दो मुस्लिम युवतियों की पिटाई करते गौरक्षा समिति के लोग व पुलिस

मध्यप्रदेश के मंदसौर रेलवे स्टेशन में भैंस का मांस ले जाती दो मुस्लिम युवतियों को गौरक्षा समिति के लोगों ने गौमांस का आरोप लगाकर रेलवे स्टेशन में ही पिटाई की, इस घटना का शर्मनाक पहलू ये है कि इस पिटाई में एक पुलिस की महिलाकर्मी भी शामिल थी.

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