भारतीय मीडिया लगातार अपनी विश्वसनीयता खोता जा रहा है.पत्रकारिता को अब चाटूकारिता का पर्याय कहें तो गलत न होगा.सत्ता की लालच ने भारतीय मीडिया को अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी बदनाम कर दिया है. हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी फलिस्तीन, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान की यात्रा पर गए थे.

पीएम के देश से बाहर होने पर भी देश की मीडिया ने उनकी चाटुकारिता बंद नही की. Times now और Zee news ने एक खबर दिखाई जिसमें बताया गया कि कैसे एक कार्यक्रम के दौरान संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शेख मोहम्मद बिन ज़ैद अल नाहयान ने ‘जय सिया राम’ के नारे लगाए. जिस हेडलाइंस के साथ खबर पब्लिश की गई है,वह चाटूकारिता की हद नही तो पेड कंटेंट अवश्य है.

 

खबर में ये साबित करने की कोशिश की गई ये पीएम मोदी का प्रभाव है कि आज सब भारत को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं.

लेकिन पड़ताल करने पर पता चला कि  ये खबर झूठी है.इस बात की पुष्टि GULF News India ने की है. उनके मुताबिक जिस खबर को भारतीय मीडिया द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है वो झूठी है. उनका कहना है कि संयुक्त अरब अमीरात के शेख ने ऐसा नारा नहीं लगाया.

सबसे बड़ी भूल जिस विडियो के आधार पर ये दावा किया जा रहा है कि संयुक्त अरब अमीरात के शेख ने जय सियाराम का नारा लगाया असल में वो विडियो शेख का नहीं बल्कि वहां के एक लेखक सुल्तान साउद अल कासिमी का है.

गल्फ मीडिया ने भारतीय मीडिया को झूठी ख़बरें फैलाने वाला बताया है. साथ ही इस बात पर भी नाराज़गी जताई है कि संयुक्त अरब अमीरात के शेख मोहम्मद बिन ज़ैद अल नाहयान 2017 के गणतंत्र दिवस आयोजन के लिए भारत आए थे लेकिन फिर भी भारतीय मीडिया उन्हें पहचान नहीं पाया.