समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि बीजेपी भले ही राज्यसभा में एक अतिरिक्त सीट जीत गई हो, लेकिन यह जीत बीजेपी पर उल्टी पड़ने वाली है.
राज्‍यसभा चुनाव में सपा के समर्थन वाले बीएसपी प्रत्‍याशी की पराजय के बारे में अखिलेश ने कहा कि सत्‍ता और धनबल का दुरुयोग बीजेपी का चरित्र है.
अखिलेश ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि मैं उपचुनाव में एसपी को मिली जीत को बहुत बड़ी मानता हूं, क्‍योंकि उनमें से एक सीट मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ और दूसरी सीट उपमुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने छोड़ी थी.
जो लोग (योगी) देश भर में घूम-घूमकर भाजपा के लिये प्रचार कर रहे थे, वे अपनी ही सीट नहीं बचा सके. इससे पूरे देश में संदेश गया है और कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच यह विश्‍वास जागा है कि अगर भाजपा को उसके गढ़ में पराजित किया जा सकता है तो कहीं भी हराया जा सकता है.
आगामी लोकसभा चुनाव के लिये सपा की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर पार्टी अध्‍यक्ष ने कहा कि बूथ स्‍तर पर मजबूत प्रबन्‍धन करने के अलावा पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे गांव-गांव जाकर आम लोगों से संवाद स्‍थापित करें.
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन की सम्‍भावनाओं के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश ने कहा कि चुनाव नजदीक आने के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है. कांग्रेस के साथ उनके अच्‍छे रिश्‍ते हैं और आगे भी रहेंगे.
खानदान पर परिवारवाद को बढ़ावा देने के आरोप पर हालांकि उन्‍होंने पलटवार करते हुए कहा, ‘राजनाथ सिंह, कल्‍याण सिंह, रमन सिंह, शिवराज सिंह चौहान जैसे बीजेपी नेता परिवारवाद चला रहे हैं.
उनके परिवार के लोग राजनीति में हैं. मेरी पत्‍नी चुनाव नहीं लड़ेंगी. ऐसे में इन BJP नेताओं को भी उदाहरण पेश करना चाहिए. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, और केवल आरोप लगाते हैं, तो मैं भी अपना मन बदल सकता हूं.

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