महाराष्ट्र

आदर्श घोटाला: अशोक चव्हाण को कोर्ट से बड़ी राहत, अब नहीं चलेगा केस

आदर्श घोटाला: अशोक चव्हाण को कोर्ट से बड़ी राहत, अब नहीं चलेगा केस

गुजरात चुनाव में शानदार प्रदर्शन, 2-G घोटाले पर फैसले के बाद कांग्रेस के लिए एक और राहत भरी खबर है. 2-G घोटाले में कोर्ट के फैसले से कांग्रेस के लिए एक और अच्छी खबर बोम्बे हाई कोर्ट से आई है. हाई कोर्ट ने आदर्श सोसायटी घोटाला मामले में कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण पर केस चलाने की अनुमति देने वाले राज्यपाल के आदेश को खारिज कर दिया है.
पिछले साल फरवरी में महाराष्ट्र के राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने आदर्श घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री चव्हाण पर मुकदमा चलाने के लिए सीबीआई को मंजूरी दी थी. राज्यपाल ने चव्हाण पर सीआरपीसी की धारा 197, आईपीसी की धारा 120-बी (षडयंत्र) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी. जब यह घोटाला सामने आया था तब चव्हाण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे.आरोप लगने के बाद नवंबर 2010 में उन्‍हेें मुख्‍यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था.
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क्या था पुरा मामला?
बता दें कि चव्हाण पर आदर्श सोसायटी में अपने रिश्तेदारों को दो फ्लैट देने के मामले  में सोसायटी को अतिरिक्त एफएसआई (फ्लोर स्पेस इंडेक्स) देने का आरोप था. उनपर यह भी आरोप था कि जब वह राजस्व मंत्री थे, उन्होंने गैरकानूनी रूप से गैर सैनिकों को 40 प्रतिशत ज्यादा फ्लैट देने की मंजूरी दी थी. सीबीआई की एफआईआर में उनका नाम भी शामिल था, लेकिन दिसंबर 2013 में उस समय के राज्यपाल के. शंकरनारायण ने चव्हाण पर मुकदमा चलाने की मंजूरी देने से इनकार कर दिया था.
हालांकि मार्च 2015 में हाई कोर्ट ने चव्हाण की यह मांग मानने से इनकार कर दिया था कि उनका नाम इस केस से निकाल दिया जाए क्योंकि राज्यपाल ने भी मंजूरी देने से मना कर दिया है. इसके बाद सीबीआई ने एक बार फिर राज्यपाल से संपर्क किया और फरवरी, 2016 में राज्यपाल ने चव्हाण पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी.

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