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नोटबंदी के बाद आ रही है करदाताओं पर मुसीबत, आयकर विभाग के रडार पर 18 लाख टैक्स पेयर

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News18 के अनुसार – नोटबंदी के बाद अब आयकर विभाग के रडार पर 18 लाख करदाता हैं. आयकर विभाग ने बीते साल आठ नवंबर की नोटबंदी के बाद बड़ी राशि जमा कराने वाले 18 लाख करदाताओं की पहचान की है. इन्हें 10 दिनों के अंदर नोटिस भेजकर धनराशि के बारे में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा. आयकर अधिकारियों का मानना है कि इन करदाताओं का नोटबंदी के बाद का लेनदेन उचित सीमा के बाहर का लग रहा है.
राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि नोटबंदी के बाद जमा हुई राशि की जांच पड़ताल की इस प्रक्रिया को ‘आपरेशन क्लीन मनी’ नाम दिया गया है. इसमें आंकड़ों का विश्लेषण करने वालों को 9 नवंबर, 2016 से 30 दिसंबर, 2016 तक का आंकड़ा (जमा कराई गई बंद हो चुकी मुद्रा का आंकड़ा) जांच के लिए उपलब्ध कराया गया है.
उन्होंने कहा कि आयकर विभाग ने ऑपरेशन क्लीन मनी शुरू किया है. ऑपरेशन के प्रारंभिक चरण में 9 नवंबर से 30 दिसंबर तक के बीच जमा कराई गई बड़ी धनराशि के ई-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू की गई. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक बयान जारी कर बताया है कि आयकर विभाग के डाटाबेस में मौजूद डाटा से नोटबंदी के बाद के डाटा का मिलान किया गया है. बयान में कहा गया है कि पहले चरण में 18 लाख ऐसे करदाताओं की पहचान की गई है, जिनके नकदी लेनदेन उनके प्रोफाइल से मेल नहीं खा रहे हैं.
बयान में कहा गया है कि इस चरण में जिन करदाताओं की जांच की गई है, उन्हें 10 दिनों के अंदर पोर्टल पर अपना जवाब दर्ज कराना होगा. ऐसा होने पर वे आयकर विभाग के आगे की किसी नोटिस और कार्रवाई से बच सकेंगे.
बयान में कहा गया है कि आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपना जवाब ऑनलाइन दर्ज कराने के लिए इन करदाताओं को ई-मेल और एसएमएस भी भेजे जाएंगे. करदाताओं की मदद के लिए पोर्टल पर निर्देशिका दी गई है, जिसकी मदद से जवाब दिया जा सकता है.
बयान के मुताबिक, करदाता के जवाब के आधार पर डाटा विश्लेषक चुनिंदा मामलों को वेरिफिकेशन के लिए चुन सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो अतिरिक्त जानकारी और जवाब के लिए करदाता से फिर कहा जाएगा. अगर जवाब सही पाया गया तो प्रक्रिया बंद कर दी जाएगी और विभाग के दफ्तर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत जमा कराई गई राशि के मामले में भी सत्यापन बंद कर दिया जाएगा.

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