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ट्रिब्यून अखबार की रिपोर्टर को मिला पत्रकारों का साथ

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आधार में चूक को लेकर स्टोरी करने वाली पत्रकार को अपने साथ के पत्रकारों का खूब साथ मिला है. आधार अजेंच्य द्वारा एफ़आईआर दर्ज कराने के बाद उसकी जमकर निंदा हो रही है. और पत्रकारों की संस्था एडिटर्स गिल्ड ने भी इस कृत्य की निंदा की है.

  • प्रतिष्ठित पत्रकार अल्का सक्सेना ने ट्विटर पर लिखा कि ‘ सरकार चाहती है है कि पूरा मीडिया दरबारी हो जाये। या तो प्रेस विज्ञप्ति से खबरें बनाये या सिर्फ़ विरोधियों पर स्टिंग ऑपरेशन करे। इतने बड़े प्रोजेक्ट में खामी सामने लाने के लिए ट्रिब्यून की रिपोर्टर को सम्मानित किया जाना चाहिए न कि प्रताड़ित। शर्मनाक स्थिति है.’

https://twitter.com/AlkaSaxena_/status/949977092250218496

  • वरिष्ठ पत्रकार ॐ थानवी ने लिखा कि ‘Shoot the messenger … ट्रिब्यून की रिपोर्टर ने आधार कार्ड के झोल पकड़े। सरकार ने उन्हीं पर मुक़दमा दायर कर दिया। उनको पकड़ते जो डाटा बेच रहे हैं। इसकी जाँच करते कि झोल क्यों है।उसका निराकरण करते। साहस दिखाने वाले पत्रकारों को डरा कर क्या हासिल होगा?’
  • इंडिया टुडे के पत्रकार राहुल कँवल ने लिखा कि#Aadharleaks सामने लाने वाले पत्रकार के ख़िलाफ़ UIDAI की ओर से FIR दर्ज कराना पूरी तरह गलत है. अगर एक खामी की ओर इशारा किया गया है तो सरकार को उसे दूर करने के लिए काम करना चाहिए ना कि मैसेंजर को ही शूट करने की कोशिश की जाए. पत्रकारों को मत धमकाइए. ये मंज़ूर नहीं है. 
  • पत्रकार मानक गुप्ता ने लिखा कि ‘जिसकी वजह से पूरे देश का ‘आधार’ डेटा ख़तरे में पड़ा, उसके ख़िलाफ़ करो FIR. जिसने इस ख़तरे से आगाह किया, उसे सज़ा किस बात की?’
  • आजतक के पत्रकार कुमार कुनाल ने लिखा कि ‘तो द ट्रिब्यून के पत्रकार के खिलाफ सरकार ने FIR दर्ज करवा दी। ये तो हद है, आधार हम सब यानि हर भारतीय का अधिकार है, उसमें एक तो खामी निकल रही है। सरकार को तो उस पत्रकार को विशेष पुरस्कार देना चाहिए, जो IT विशेषज्ञ नहीं कर पाए वो कमी पत्रकार ने निकाल दी। यही तो काम है पत्रकारों का’