नरेंद्र मोदी कैबिनेट में हाल ही में शामिल हुए पशुपति कुमार पारस ने बाढ़  को दैवीय प्रकोप बताया है और कहा कि वे पीड़ितों से मिलने के लिए भी नहीं जाएंगे। कैबिनेट में शामिल होने के बाद वे सोमवार को पहली बार बिहार पहुंचे थे। इस दौरान प्रेस को संबोधित करते हुए एक विवादित बयान दे डाला पशुपति कुमार ने कहा कि देश के साथ बिहार में भी बाढ़ का खासा असर है । हर साल बिहार में बाढ़ आती है।

बिहार में बाढ़ से भयावह स्थिति बनी हुई है-

हर साल की तरह इस साल भी बिहार में बाढ़ ने कहर मचाया हुआ है। राज्य में स्थिति बाढ़ से लगातार भयावह होती जा रही है। इसी बीच केंद्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण मंत्री पशुपति कुमार पारस ने इसको लेकर एक विवादित बयान दिया है। पिछले कई सालों से जिस तरह बिहार बाढ़ की त्रासदी झेल रहा है उससे तो यही लगता है कि बाढ़ बिहार के लोगों की नियति बन गई है। हर साल की तरह इस साल भी बिहार में बाढ़ ने तांडव मचाए हुए है। प्रदेश के कई जिलों में स्थिति काफी भयंकर होती जा रही है।

केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री बनने के बाद पशुपति कुमार पारस पहली बार बिहार दौरे पर आए थे। अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचकर पारस से जब बाढ़ को लेकर सवाल किए गए, तो उन्होंने सवालों के अजीब जवाब दिये। लोक जनशक्ति पार्टी (पारस गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने बाढ़ को लेकर विवादित बयान दिया है। 

आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र हाजीपुर पहुंचे थे केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस से जब बाढ़ को लेकर सवाल किए गए तो उन्होंने इसे दैवीय प्रकोप बताया। पारस यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि मैं बाढ़ पीड़ितों से मिलने भी नहीं जाऊंगा।

केंद्रीय मंत्री जब बिहार पहुंचे-

बिहार में बाढ़ से स्थिति लगातार भयावह हो रही है। उन्होंने कहा बिहार में बाढ़ के समाधान के लिए नेपाल से बातचीत करनी होगी। जो भारत सरकार करेगी। यह एक लंबा प्रोसेस है। प्रत्येक साल बाढ़ आती है। और उसी हिसाब से बाढ़ पीड़ितों की मदद की जाती है। प्रशासन की तरफ से जो संभव होगा हम लोग करेंगे।

मालूम हो कि केंद्र में मंत्री बनने के बाद  पशुपति कुमार पारस 2 दिन पहले ही बिहार पहुंचे हैं। पटना पहुंचने पर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया था। उनके साथ  बिहार से पार्टी के सभी सांसद (चिराग पासवान को छोड़कर ) भी मौजूद थे.

ना मिलने की वजह बताते हुए कहा-

उन्होंने ना मिलने का कारण बताते हुए कहा- मैं शरीर से अस्वस्थ रहता हूं। प्रशासन और अधिकारियों से मेरी बात होती रहती है। वही, पानी भी अब खत्म हो गया है। लोजपा सांसद और रामविलास पासवान के छोटे भाई पशुपति कुमार पारस का कहना है कि बाढ़ को लेकर मेरी जिले के अधिकारियों से बात हुई है। 

लोगों तक मदद पहुंचाई जा रही है। मालूम हो कि पशुपति कुमार पारस का इलाका इन दिनों बाढ़ की समस्या झेल रहा है। बाढ़ की मार से परेशान बिहार में कई केंद्रीय मंत्री इन दिनों अपने इलाकों में ही कैंप कर रहे हैं।

चाचा भतीजे की तनातनी –

बता दें कि लोक जनशक्ति पार्टी में टूट के बाद चाचा पशुपति पारस -भतीजा चिराग पासवान में तनातनी जारी है। पशुपति पारस ने हाल ही में कहा  कि रामविलास पासवान की संपत्ति पर चिराग पासवान का पुत्र होने के नाते हक हो सकता है लेकिन मैं उनका राजनीतिक उत्तराधिकारी हूं।

उन्होंने पहली बार यह  भी खुलासा किया है कि चिराग ने ही अपने पिता को जबरन अध्यक्ष पद से हटाया और उन्हें भी। यहां तक कि उन्होंने चिराग ने उन्हें अपना खून मानने से इनकार कर दिया था। पशुपति ने कहा कि अब सूर्य इधर से उधर हो जाएगा लेकिन चिराग के साथ संबंध नहीं होंगे।

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Heena Sen