ये है आपका असली चाल, चेहरा ओर चरित्र, कुछ दिनों पहले जब पहली बार नेशनल पॉपुलेशन रजिस्ट्रर NPR की बात सामने आई थी तब प्रकाश जावड़ेकर ने सेल्फ सर्टिफिकेशन या सेल्फ डेक्लरेशन की बात कही थी। अमित शाह तो इसे ‘एच्छिक’ बता रहे थे, उन्होंने कहा था कि अगर एनपीआर में कुछ जानकारियां नहीं भी होंगी तो चलेगा। 24 दिसंबर को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने जनगणना 2021 और एनपीआर पर जानकारी देते हुए बताया था कि आधार नंबर की जानकारी देना ‘वैकल्पिक’ होगा।

लेकिन गृह मंत्रालय के सूत्रों ने अब जो नयी जानकारी दी है वह इसके उलट है। NPR अपडेशन के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट की डिटेल्स शेयर करना अनिवार्य होगा।

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक खबर के मुताबिक सरकारी सूत्रों ने एनपीआर के ‘एच्छिक’ और ‘वैकल्पिक’ पर फैले असमंजस को दूर करते हुए जानकारी दी है कि अगर किसी शख्स के पास आधार, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या फिर पासपोर्ट है तो उसे इनकी जानकारी देना अनिवार्य होगा। वहीं जिनके पास इनमें से कुछ भी नहीं है तो उनके लिए यह अनिवार्य नहीं होगा।….हालांकि उनसे इसके लिए किसी भी दस्तावेज की मांग नहीं की जाएगी।

लेकिन इसके साथ ही साथ यह खबर भी सामने आ गई है कि यदि आपने एनपीआर में गलत जानकारी दर्ज करवाई तो आप पर जुर्माना भी किया जा सकता है।

पहले आप तो क्रोनोलॉजी समझाते है कि पहले CAA आएगा फिर NRC ……फिर देशव्यापी विरोध को देखते हुए आप एनआरसी की बात को सिरे से खारिज कर देते हैं फिर आप एनपीआर लेकर आते हैं जिसे सरकारी दस्तावेजों में ही एनआरसी का लागू करने का पहला स्टेप बताया जाता है फिर एनपीआर में जानकारी देने को आप स्वेच्छिक बताते है फिर कुछ दिनों बाद इसे अनिवार्य बताते हैं। फिर भी आप सोचते है कि लोग आप पर भरोसा करें… कमाल है !