ख़त्म हुआ आडवानी युग, गांधीनगर से अमित शाह लड़ेंगे चुनाव

Share

लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनज़र आज भाजपा ने अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में भारतीय जनता पार्टी ने 184 उम्मीदवारों का ऐलान किया है. पर इस लिस्ट में कई चौकाने वाली बातें सामने आई हैं. भाजपा ने गुजरात के गांधीनगर से भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का टिकट काट दिया है, वहां से अमित शाह को उम्मीदवार बनाया गया है. ज्ञात होकि गांधीनगर से फ़िलहाल लालकृष्ण आडवाणी सांसद हैं. उत्तर प्रदेश में कुल 80 सीटें हैं लेकिन पहली लिस्ट में सिर्फ़ 28 नामों की घोषणा की गई है. इस लिस्ट के अनुसार भाजपा ने अपने छह मौजूदा सांसदों की टिकट काट दी है.
लोकसभा चुनाव

इस लिस्ट में उत्तरप्रदेश की अन्य सीटों से भी नए नाम हैं. वहीं अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ़ स्मृति ईरानी फिर से टाल ठोकती नज़र आएंगी. तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी से ही एक बार फिर किस्मत आज़माएंगे. वहीं गृहमंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ से उम्मीदवार बनाये गए हैं. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी अपनी घरेलू सीट से नागपुर से एक बार फिर चुनावी मैदान में होंगे.
इस लिस्ट में मध्यप्रदेश के एक भी उमीदवार का ऐलान नहीं किया गया है. वहीं साथ ही ये ऐलान भी किया गया है, कि बिहार के 17 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान बिहार के गठबंधन के साथियों के साथ किया जायेगा. इस लिस्ट में यूपी, उत्तरखंड, राजस्थान, गुजरात, छतीसगढ़, पश्चिम बंगाल, असम, जम्मू एवं कश्मीर, केरल, तमिलनाडू, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक , अंडमान निकोबार व अरुणांचल प्रदेश के कुल 184 उम्मीदारों के नाम का ऐलान किया गया है.


 
गुरुवार ( 21 मार्च 2019 ) को देर शाम बीजेपी के वरिष्ठ नेता, केंद्रीय मंत्री और भाजपा के केंद्रीय चुनाव समीति के सचिव जेपी नड्डा ने 184 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की. नामों की घोषणा से पहले क़यास लगाए जा रहे थे कि इस बार बीजेपी के कई बड़े नामों को उम्मीदवार नहीं बनाया जाएगा. जैसे ही जेपी नड्डा ने नाम पढ़ना शुरू किया सबसे चौंकाने वाला नाम था भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का. अमित शाह गांधीनगर से चुनाव लड़ेंगे.

भाजपा की इस लिस्ट पर लालकृष्ण आडवानी का नाम न आने पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने कहा – पहले श्री लाल कृष्ण अडवाणी को ज़बरन ‘मार्ग दर्शक’ मंडल में भेज दिया, अब उनकी संसदीय सीट भी छीन ली. जब मोदीजी बुज़ुर्गों का आदर नहीं करते, वह जनता के विश्वास का आदर कहाँ करेंगे? भाजपा भगाओ, देश बचाओ.