October 20, 2021

हाल ही में  महबूबा मुफ्ती ने अफगानिस्तान पर दिए बयान को लेकर विवादों के घेरे में घिरी थी। जिसका काफी विरोध भी हुआ था। अब फिर से केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि देश में जो कोई भी मुद्दे उठाता है, बीजेपी उसे देश विरोधी करार दे देती है। सरदार ‘खालिस्तानी’, हम ‘पाकिस्तानी’ हो जाते हैं।

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने सीधे तौर पर मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि अगर कोई भी देश में सरकार के मुद्दों के खिलाफ या कानून और नियमों में बदलाव के लिए आवाज उठाता है। वो देश विरोधी या देशद्रोही हो जाता है।

केंद्र पर निशाना साधते हुए कहती हैं कि सरकार ने जम्मू कश्मीर को एक प्रयोगशाला बना कर रख दिया है। जहां पर वह अपने प्रयोग करते  हैं। केंद्र की मौजूदा सरकार के पास जम्मू कश्मीर पर कोई स्पष्ट नीति नहीं है। उन्हें राज्य के आर्थिक, राजनीतिक और भावनात्मक मोर्चे पर क्या करना चाहिए क्या नहीं इसका कुछ नहीं पता है।

पहले का निवेश नष्ट हो गयाः मुफ्ती

पीडीपी अध्यक्ष ने कहा की देश में हमारे पास जो कुछ भी है ,वह बीजेपी सरकार कारपोरेट घरानों को बेच रही है। जम्मू कश्मीर में निवेश आने संबंधी पूछे गए एक सवाल पर जवाब में महबूबा ने कहा,”पहले जो भी निवेश हमें मिला था, वह सब नष्ट हो गया। यहां सभी अपने उद्योग धंधों को बंद कर कर वापस जा चुके हैं”। उन्होंने कहा, इससे पहले कश्मीर में हमले होते थे, लेकिन अब यह जम्मू में हो रहे हैं।

परिसीमन पर भी सवाल उठाते हुए कहा राज्य के स्कूलों में नाम बदल कर शहीदों के नाम रख देने पर जम्मू कश्मीर की जनता की बेरोजगारी दूर नहीं हो सकती। राज्य में बदलते हालात को कैसे काबू करेंगे? इसके लिए किसी भी सरकार की दूरदृष्टि होना अनिवार्य है, जो कि केंद्र सरकार की नहीं है। यहां पर सिर्फ बीजेपी बांटो और राज करो की नीति पर काम करती है।

नेहरू और वाजपेई जैसे नेताओं ने देश को भाईचारे के सूत्र में बांधा था। नेहरू ने जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने का भी वादा किया था। उन्होंने कहा था कि लोगों की पहचान की हर तरह से रक्षा की जाएगी । वाजपेई भी दूरगामी कार्य करने की दृष्टि रखते थे। बंटवारे के समय अगर देश में बीजेपी सरकार होती तो आज कश्मीर भारत में नहीं होता। 

केंद्र सरकार को देश की कोरोना महामारी से बिगड़ी अर्थव्यवस्था नहीं दिखाई देती, ना ही किसानों का दर्द दिखाई देता और ना ही देश में फैली बेरोजगारी। केंद्र सरकार को सिर्फ धार्मिक मुद्दे दिखाई देते हैं और उसी आधार पर हिंदू- मुसलमान को बांटने का काम करती  है। सरदार खालिस्तानी, हम पाकिस्तानी बची बीजेपी सिर्फ वही एक हिंदुस्तानी है।

बीजेपी सरकार अफगानिस्तान पर बात करती है लेकिन देश से संबंधित मुद्दों को लेकर कोई बात नहीं करती है। सिर्फ हिंदू और मुसलमानों में खाई पैदा कर देने का कार्य करती रहती है। जिससे उन्हें कोई भी लाभ नहीं होने वाला है।

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि धर्म के आधार पर भारत को बांटने की भारतीय जनता पार्टी की नीति ने देश को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह तब तक चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगी, जब तक  अनुच्छेद 370 को बहाल न कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर राज्य का विकास मुफ्ती मोहम्मद सईद ने किया था, लेकिन भाजपा ने राज्य के लोगों को धोखा दिया है और उन्हें गुलामी की ओर धकेल दिया, जिसे प्रदेश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।

हरदीप पुरी सिंह का स्टेटमेंट-

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी सरदार ( सिख) को देशद्रोही या खालिस्तानी नहीं कहा जाना चाहिए। मंत्री ने कहा कि कुछ गुमराह लोगों के आधार पर आप यह तय नहीं कर सकती हैं ।

अफगानिस्तान-तालिबान के पक्ष में दिया बयान

इससे पहले भी महबूबा मुफ्ती ने तालिबान पर बड़ा बयान दिया था कि तालिबान हकीकत बन कर सामने आ रहा है। पहली बार उनकी जो छवि बनी है वह इंसानों के खिलाफ थी। लेकिन अब की बार वह आए हैं और वे हुकूमत  करना चाहते हैं। शनिवार को एक कार्यक्रम में महबूबा मुफ्ती ने तालिबान से तुलना करते हुए कहा ,  ‘जिस वक्त यह बर्दाश्त का बांध टूट जाएगा, तब आप नहीं रहोगे, मिट जाओगे।

About Author

Nidhi Arya