लखनऊ 8/11/2018 – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जामेई ने कहा की देश के प्रधानमंत्री खुद को पिछड़े समाज से बताते है जबकि सच्चाई यह है की एससी एसटी ओबीसी समाज का सबसे ज्यादा नुक्सान इस भाजपा हकूमत में हुआ है, प्रदेश में मुख्यमंत्री अजय सिंह बिष्ट की सरकार में अपराधमुक्त उत्तर प्रदेश के नारे के साथ 1500 एनकाउंटर हुए, जिसमे 60 तथाकथित अपराधियों को मारने का दावा किया गया जबकि यह पहली बार हुआ है की NHRC ने चार बार उत्तर प्रदेश पुलिस को अधिक अधिकार देकर बेगुनाहों को एनकाउंटर कर मार देने की प्रणाली पर सवाल उठाया है.

यह पहली बार हुआ जब हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने एक्स्ट्रा जुडिशियल किलिंग को संज्ञान में लिया है, अंधाधुंध एनकाउंटर के बाद भी प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह कोलेप्स हो चुकी है और अपराध और रेप की घटनाये चरम पर है.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जामेई ने कहा की प्रदेश के मुखिया ने अपराध ख़त्म करने के लिए अपराधियों को ठोक देने की संस्कृति पुलिस बल में पैदा की है, जिससे कानून हाथ में लेने, प्रमोशन मैडल की होड़ में अंधाधुंध बेगुनाहो के एनकाउंटर हुए हैं, जामेई ने कहा की नोएडा के नौजवान जितेन्द्र यादव का एनकाउंटर कर उस युवा की पुलिस ने ज़िंदगी खराब कर दी, सुमित गुर्जर और उसके परिवार की जिंदगी तबाह हो गयी, आजमगढ़ में मुकेश राजभर को एनकाउंटर में मार दिया गया. इन मामलो में कोई मुवावजा या पुलिस को सज़ा नहीं दी गई.

अमीक जामेई ने कहा की ताज़ी घटना में अलीगढ के दो युवक को मीडिया बुलाकर लाईव एनकाउंटर कर दिया गया और उन्हें दफ़न करने की प्रक्रिया भी न कराकर उन्हें पुलिस ने ज़मीन में गढ्ढा खोद दफन कर दिया, इन सभी मामलो में देखा गया की यह मुद्दा प्रकाश में न आये इसके लिए पुलिस ने परिवार की एफ़आईआर तक नहीं ली और कोई सवाल न उठे इसके लिए परिवार को नज़रबंद तक रखा.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जामेई ने कहा की पार्टी के कौमी सदर जनाब अखिलेश यादव ने बीते 1 अक्टूबर को ही पार्टी हेड ऑफिस में प्रेस बुलाकर लॉ एंड आर्डर और फेक एनकाउंटर पर सवाल उठा कर चिंता ज़ाहिर की थी, उनके निर्देश पर 10 अक्टूबर को पार्टी का एक शीर्ष दल अलीगढ एनकाउंटर की जाँच करेगा, समाजवादी पार्टी देश के कमज़ोर महकूम तबको के साथ खडी है और वोह हर प्रकार अन्याय ज़ुल्म ज्यादती के खिलाफ लडेगी और हम यह चाहते है की पुलिस, सरकार को खुश करने के लिए, राजनीतिक हितो के लिए कानून अपने हाथ में न ले और जनता का खोता हुआ विश्वास पाने की कोशिश करे!