(समाजवादी पार्टी के फायर ब्रांड प्रवक्ता अमीक जामेई ने कहा की 1348494 युवा अभ्यर्थी ने नौकरी के लिए जुलाई 2017 से अक्टूबर 2018 तक किस्मत आज़माई जिसमें पेपर लीक या कुशल प्रशासन न होने की वजह से भर्तियाँ रद्द की गई)
2014 के चुनाव में नरेन्द्र मोदी ने देश के युवाओ को प्रति वर्ष 2 करोड़ नौकरियो का वादा किया था लेकिन यह वादा भी झूठा निकला, साढे चार साल में केंद्र सरकार विफल रही तो उत्तर प्रदेश में  डेढ़ साल की योगी सरकार भी केंद्र के नक़्शे कदम पर चल रही है.
उत्तर प्रदेश में सिर्फ जुलाई 2017 से अक्टूबर 2018 के बीच अगर रोज़गार सृजन करने में फेल योगी सरकार के कारनामे पर नज़र डाले तो सब कुछ चौकाने वाला है, समाजवादी पार्टी के फायर ब्रांड प्रवक्ता अमीक जामेई ने कहा की  – “योगी अदित्यनाथ सरकार के दावे खोखले है, रिट स0 183/2013, श्री मनोज कुमार बनाम भारत सरकार के वाद में माननीय उच्चतम न्यायलय के आदेशानुसार प्रति वर्ष यूपी में 3200 एएसआई भर्ती करना सुनिश्चित किया गया था, जिस आदेश की अवमानना करते हुए , आज 2017 में अखिलेश सरकार द्वारा निकाली गयी 3307 पद तक अभी तक लटकाए गए जिससे अभ्यर्थियों का भविष्य भंवर में लटका है.”
पूर्व में अखिलेश यादव जी के समय में जो भर्तीया हुयी चाहे वोह उर्दू मुवाल्लिम हो, पुलिस-पीएसीए, शिक्षा मित्र, आँगनवाडी, रसोइया, आशा बहु, ग्रामविकास अधिकारी. प्राइमरी व माध्यमिक शिक्षको की बड़े पैमाने भर्तीया की थी लेकिन भाजपा ने अधिकांश सत्ता में आते ही रोक दी.
जामेई ने कहा मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ युवाओ को कहते है नौकरिया है लायक युवा नहीं लेकिन सिर्फ इस दरोगा भर्ती में 6 लाख युवाओ ने हिस्सा लिया जिसमे 6500 युवाओ का चयन हुआ लेकिन लेकिन सरकार 3200 नौकरियों का नियुक्ति पत्र आजतक देने में विफल है तो फिर कैसे लाखो नौकरियों को  2019 में भर्ती करने की बात मुख्यमंत्री कर रहे है? यह सरकार प्रदेश में कानून और प्रशासन चलाने में नाकाम है, जुर्म, डकैती, मर्डर, अपहरण व रेप की राजधानी उत्तर प्रदेश बनता जा रहा है तो इसकी सीधी वजह रिक्त पदों का न भरना है जिससे डायल 100 व 1090 पावर लाइन कोलेप्स होने की कगार पर है, आज लोग प्रिय पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की समाजवादी सरकार को याद करते है.
समाजवादी पार्टी के फायर ब्रांड प्रवक्ता अमीक जामेई ने कहा की 2018 में UPPCL की 2849 भर्तीया, 3210 ट्यूबवेल संचालक भर्ती, 2017 में 2709 सब इन्स्पेक्टर भर्ती के पेपर लीक हुए और गलत पेपर बाँटने से 41520 कांसटेबल पोस्ट की भर्ती पोस्टपोन की गयी उपरोक्त भारतीयों में फेल होने के पीछे मुख वजह सरकार का प्रदेश चलाने में कोई तजरबा न होना व रोज़गार सृजन के प्रति कोई दिलचस्पी नहीं होने साथ युवाओ के भविष्य से खिलवाड़ करना है.
समाजवादी पार्टी के फायर ब्रांड प्रवक्ता अमीक जामेई ने कहा की 1348494 युवा अभ्यर्थी ने नौकरी के लिए जुलाई 2017 से अक्टूबर 2018 तक किस्मत आज़माई लेकिन पीजीटी टीजीटी हो, यूंपीपीएससी पीसीएस मेंस परीक्षा हो, यूंपीपीएससी पीसीएस प्रेलिम परीक्षा दोनों कैंसिल हुयी, 68500 सहायक टीचर्स भर्तिया या उर्दू शिक्षक की नौकरिया जाना इस सरकार में  जुलाई 2017 से अक्टूबर 2018 तक या  परीक्षा के पेपर्स लीक होना रुका नहीं है.
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमीक जामेई ने कहा केंद्र हो या प्रदेश की सरकार रोज़गार के सृजन में विफल रही है इसलिए वोह ध्यान भटकाने के लिए मंदिर मस्जिद खेल रही है और कही झूठे राष्ट्रवाद के बल पर त्योहारो का राजनीतिकरण, इलाहबाद का नाम बदलकर प्रयाग राज करना यह सिर्फ युवाओ को मुर्ख और नौकरी रोज़गार से विमुख करने की कोशिश है.

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Team TH