बिहार सरकार द्वारा मुज़फ़्फ़रपुर में चलने वाले बालिका गृह में यौन शोषण का मामला सामने आया है, यौन शोषण में हॉस्टल की 44 में से 3 नाबालिग लड़कियां गर्भवती पाई गई हैं, जबकि 6 से 14 साल की छोटी बच्चियों के साथ भी दुष्कर्म किया गया है…।
इस पूरे मामले का ख़ुलासा टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की सोशल ऑडिट की रिपोर्ट में हुआ है। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की रिपोर्ट के अनुसार बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर के बालिका गृह में रहने वाली लड़कियां नेता से लेकर अधिकारी तक के घरों में भेजी जाती थीं…।

साथ ही जांच में इस बात का ख़ुलासा भी हुआ है कि हॉस्टल में रहने वाली 44 लड़कियों में से 3 गर्भवती पाई गईं हैं…। इस खुलासे के बाद से ही ज़िला प्रशासन ने आनन फानन में मुज़फ़्फ़रपुर से लड़कियों को पटना और मधुबनी के बालिका गृह में भेज दिया है…।
मुज़फ़्फ़रपुर बालिका गृह का संचालन करने वाले लोग पहले से ही फ़रार चल रहे हैं, रिपोर्ट में टाटा संस्था ने सेवा संकल्प एवं विकास समिति के ख़िलाफ़ जल्द से जल्द कानूनी प्रक्रिया शुरू करने और गहन छानबीन के साथ करेक्टिव ऐक्शन लेने की सलाह दी गई थी…।
इस मामले में संस्था का संचालन करने वाले एनजीओ सेवा संकल्प एवं विकास समिति में काम करने वालों पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है… साथ ही पुलिस ने सहायक निदेशक के शिकायत के आधार पर धारा 376 और 120बी के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करने के बाद छानबीन शुरू कर दी है…।
बता दें कि टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की टीम ने समाज कल्याण विभाग से चलने वाली संस्थाओं को लेकर जांच पड़ताल की थी इसके बाद तैयार की गई सोशल ऑडिट रिपोर्ट पटना निदेशक को सौपी गई थी… इस रिपोर्ट में बालिकाओं के यौन शोषण के आलावा और भी कई अहम सवाल उठाये गए हैं…।
About Author

Team TH

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *