न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक नॉर्थ दिल्ली म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने यह प्रस्ताव दिया है कि रामलीला मैदान का नाम बदलकर अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा जाये.

रामलीला मैदान में हर साल दशहरे के दौरान भव्य रामलीला का आयोजन होता है, लेकिन यह तमाम बड़े राजनीतिक आंदोलनों का भी गवाह रहा है. 2011 में अन्ना हजारे ने अनशन के लिए इसी मैदान का चयन किया था. वहीं जून 2011 में बाबा रामदेव ने इसी मैदान में काले धन के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की थी. तब दिल्ली पुलिस ने रामदेव के समर्थकों पर लाठीचार्ज किया था, उस वक्त रामदेव महिलाओं के कपडे पहनकर किसी तरह भागे थे.

रामलीला मैदान कई ऐतिहासिक आयोजनों का गवाह रहा है, उन्ही में से कुछ आयोजनों की लिस्ट नीचे दी जा रही है.

  • इस मैदान में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी कई रैलियों को संबोधित किया था.
  • 1961 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय का इसी मैदान में स्वागत किया था.
  • 1963 में चीन के साथ युद्ध में भारत की हार के बाद पंडित नेहरू की मौजूदगी में स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने इसी मैदान में ‘ऐ मेरे वतन के लोगों….’ गीत गाया था.
  • रामलीला मैदान में ही लाल बहादुर शास्त्री ने ‘जय जवान, जय किसान’ का मशहूर नारा दिया था.
  • 1975 में आपातकाल लागू किए जाने के खिलाफ जय प्रकाश नारायण ने इसी मैदान में तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ शंखनाद किया था.
  • दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 2015 में इसी मैदान में सीएम पद की शपथ ली थी.

भारतीय जनता पार्टी द्वारा शासित उत्तरी दिल्ली नगर निगम के इस फैसले पर तरह – तरह से विरोधी निशाना साध रहे हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर तंज़ कसते हुए कहा – रामलीला मैदान इत्यादि के नाम बदलकर अटल जी के नाम पर रखने से वोट नहीं मिलेंगे.भाजपा को प्रधान मंत्री जी का नाम बदल देना चाहिए. तब शायद कुछ वोट मिल जायें. क्योंकि अब उनके अपने नाम पर तो लोग वोट नहीं दे रहे.

इसी मुद्दे पर आप विधयायाक अलका लाम्बा ने भी ट्वीट कर कहा- भक्त समझ नही पा रहे भगवान sO …