दिल्ली में अन्य राज्यों से आकर मुखर्जी नगर और अन्य क्षेत्रों में कोचिंग प्राप्त कर रहे छात्रों के साथ एक बड़ी समस्या आ गई है. कुछ दिन पूर्व एक प्रोपर्टी डीलर और स्टूडेंट विवाद के बाद छात्रों के साथ स्थानीय गुंडों द्वारा की गई मारपीट के बाद छात्रों ने लेखक नीलोत्पल मृणाल के साथ प्रदर्शन किया था.

इस प्रदर्शन के दौरान कुछ आराजक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने हेतु इन छात्रों और लेखक को नक्सल कहकर अफवाह फैला दी. पुलिसिया कार्यवाही में लेखक समेत कई छात्र घायल हैं.

गुंडों द्वारा छात्रों के विरुद्ध दहशत भरा माहौल बनाने की कोशिश

लेखक नीलोत्पल मृणाल ने अपनी फ़ेसबुक पोस्ट के ज़रिये जानकारी दी है, कि किस तरह स्थानीय गुंडों का समूह छात्रों को निशाना बना रहा है. वो लिखते हैं-

प्लीज़ ध्यान दें। छात्र कहाँ जाएँ? नेहरू विहार से सुचना है कि, अभी अभी कुछ 100, 200 की संख्या में समूह बना कर स्थानीय गुंडे ( न कि सामान्य नागरिक) जहां भी छात्रों को देख रहे हैं, पीट दे रहे हैं। माहौल अराजक है।

मुझ जैसे कई साथी को वहां से कहा जा रहा साथियों द्वारा कि, अभी मत आईये, ये मार रहे हैं। कल रात से नक्सल का घटिया अफ़वाह फैला अब अभी स्थानीय गुंडों को आक्रामक कर तैयार कर दिया गया है। पुलिस फोर्स भर दिया गया है और वे भी लाठी चला रहे।

पुलिस खुले आम ये सब कर रही और सह दे रही उन मार पीट करते गुंडों को। हम छात्र आज शांति से कैंडिल मार्च को आने वाले थे, लेकिन ऐन मौके पर फसाद शुरू कर दिया गया है। अब छात्रों की सुरक्षा बेहद चिंताजनक है। कोई भी मीडिया नही पहुंचा अभी वहां।

कुछ लोग छात्रों के विरुद्ध गलत रिपोर्टिंग कर रहे। मुझे सुबह से अफवाहों से इतना हड़काया कि हिम्मत न कर पाऊँ छात्रों के साथ किसी समाधान की योजना पे। आप सबसे हाथ जोड़ के विनती है कि मीडिया को वहां के हालात जानने भेंजे। हमारे कोचिंग संस्थान तुरंत छात्रहित में पुलिस की कार्यवाही और स्थानीय गुंडागर्दी के विरुद्ध एकजुट हो ये दवाब बनायें कि छात्र छात्राओं की सुरक्षा से समझौता न हो।

आखिर हम छात्र कहाँ जाएँ? क्या दुनिया का कौन सा हिस्सा मांग लिया है इन मार खाते छात्रों ने? किसका हक़ खा गए हमलोग? प्लीज़ बहुत संकट में बड़े डरे हुए हैं ये दूर दूर के प्रदेश से छात्र। कुछ करिये, प्लीज़। जय हो।