राजस्थान सरकार ने गुर्जर सहित पांच जातियों को 50 प्रतिशत की कानूनी सीमा के तहत एक प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है. प्रदेश भाजपा सरकार ने एक सर्कुलर के माध्यम से गुरुवार को मंत्रिमंडल की स्वीकृति लेने के बाद इस बारे में निर्णय लिया है.

फाइल फोटो

राजस्थान के संसदीय कार्यमंत्री राजेंद्र राठौड़ ने शुक्रवार को बताया कि गुर्जर सहित 5 जातियों को ओबीसी (अति पिछडा वर्ग) श्रेणी के तहत एक प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने बताया कि राज्यपाल की स्वीकृति के बाद इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की जाएगी.
भाजपा सरकार की ओर से गुर्जरों को आरक्षण देने के लिए चौथी बार अधिसूचना जारी की गई है. इससे पहले तीन बार हाईकोर्ट में गुर्जरों को आरक्षण देने के फैसले को चुनौती मिल चुकी है. हर बार राज्य सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा. इसको देखते हुए राज्य सरकार ने पुराने पैटर्न को अपनाते हुए 50 फीसदी में ही गुर्जरों को आरक्षण देने का फैसला किया है. सरकार ने गुर्जर को अति पिछड़ा मानते हुए एक फीसदी आरक्षण देने के लिए शुक्रवार को सुबह अधिसूचना जारी की. इसके तत्काल बाद ही कार्मिक विभाग के अधिकारी हाईकोर्ट में कैविएट लगाने की तैयारी शुरू कर दी. देर शाम तक कार्मिक विभाग की ओर से हाईकोर्ट में कैविएट लगा दिया गया.
उधर, राजस्थान गुर्जर संघर्ष समिति के संस्थापक सदस्य डॉ. रूप सिंह ने सरकार के निर्णय स्वागत किया, लेकिन कहा कि हमारी मूल मांग एसटी में शामिल करने और आरक्षण का न्यायोचित वर्गीकरण की मांग ज्यो की त्यों है. गुर्जर, बंजारा, गाड़िया लुहार, रायका, रेबारी और गड़रिया को ओबीसी आरक्षण के दायरे में लाया गया है.

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सुभाष बगड़िया

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