उत्तरप्रदेश के मेरठ में आनंद अस्पताल में भर्ती भीम आर्मी के संस्थापक और भीम आर्मी प्रमुख एडवोकेट चंद्रशेखर आज़ाद रावण से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मुलाक़ात की. प्रियंका ( Priyanka Gandhi ) और चंद्रशेखर ( Chandrashekhar ravan ) की इस मुलाक़ात के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं.

इस मुलाक़ात के बाद प्रियंका ने साफ़ कर दिया कि इसके राजनीतिक मायने न निकाले जाएँ. चंद्रशेखर रावण से मुलाकात के बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि इसे चुनावी राजनीति से जोड़कर मत देखिए. इसे ऐसे देखना चाहिए कि चंद्रशेखर युवा हैं, संघर्ष कर रहे हैं. यह सरकार उस नौजवान को कुचलना चाहती है. रोजगार दिया नहीं है जब आवाज उठा रहे हैं तो उठाने दीजिए कुचलने की क्या जरूरत है.

पत्रकारों ने प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) से पूछा कि क्या कांग्रेस पार्टी चंद्रशेखर को नगीना से चुनाव लड़ाएगी? इसपर प्रियंका गांधी ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि हमें इस लड़के का जोश पसंद है और देख कर अच्छा लगा कि वह संघर्ष कर रहा है. पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि क्या आप ऐसे नौजवान को कांग्रेस में लाएंगे तो प्रियंका गांधी ने कहा कि देखिए आप इस का राजनीतिकरण कर रहे हैं. मैं नहीं कर रही हूं. मैं इस लड़के का संघर्ष समझ रही हूं.

इस मुलाक़ात के दौरान प्रियंका के साथ कांग्रेस महासचिव और पश्चिमी उत्तरप्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया भी साथ थे. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है, कि मायावती के हालिया बयान के बाद से ही कांग्रेस मायवती के तोड़ की तलाश में लगी हुई है. और चंद्रशेखर वो तुरूप का इक्का हो सकते हैं.

ज्ञात होकी कल ही 12 मार्च 2019 को अहमदाबाद में पाटीदार आंदोलन का मुख्य चेहरा रहे हार्दिक पटेल कांग्रेस में शामिल हो गए थे. वहीं जिग्नेश मेवानी भी जल्द ही कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं. ऐसे में यदि भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर कांग्रेस में शामिल होते हैं. तो यह उत्तरप्रदेश में कांग्रेस को संजीवनी मिलने जैसा होगा.

जबसे प्रियंका गांधी ने कांग्रेस की सक्रीय राजनीति में कदम रखा है और पूर्वी उत्तरप्रदेश की प्रभारी महासचिव के तौर पर अपने कार्य को शुरू किया है. तब ही से प्रियंका अपनी कार्यप्रणाली से सभी को चौंका रही हैं. बताया जाता है, कि प्रियंका के आने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गज़ब का उत्साह देखा जा रहा है.

जब से प्रियंका ने अपनी ज़िम्मेदारी संभाली हैं, तब ही से यूपी में कांग्रेस जॉइन करने वाले नेताओं की एक लम्बी लिस्ट बन चुकी है. पश्चिमी उत्तरप्रदेश में गुर्जर समुदाय के बीच जाना पहचाना चेहरा अवतार सिंह भड़ाना पिछले विधानसभा चुनाव के पहले ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे. पर फ़िलहाल वो वापस कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं. ऐसी लम्बी लिस्ट है, जिसमें भाजपा के अलावा सपा-बसपा से भी असंतुष्ट और प्रभावी नेताओं में कांग्रेस जॉइन करने की होड़ सी लगी हुई हैं.

यदि कांग्रेस उत्तरप्रदेश में भाजपा को रोकने में कामयाब हुई, तो यह पार्टी के लिए बड़ी कामयाबी होगी. क्योंकि उत्तरप्रदेश के अंदर भार्तेये जनता पार्टी बेहद मज़बूत स्थिति में है. पिछले लोकसभा चुनावों में 80 में से 74 सीटों पर भाजपा गठबंधन ने क़ब्ज़ा किया था. पर इस बार ऐसे प्रदर्शन को दोहरा पाना मुश्किल ही नज़र आता है. ऐसे यदि भाजपा को 30 सीटों पर भी रोकने में यदि कांग्रेस और गठबंधन कामयाब हुआ तो, नरेंद्र मोदी के लिए 2019 बेहद ही मुश्किल हो जायेगा.