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एक है डीएसपी देविंदर सिह ओर दूसरे है विकी मल्होत्रा…

एक है डीएसपी देविंदर सिह ओर दूसरे है विकी मल्होत्रा…

शनिवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक गाड़ी में बैठे देविंदर सिंह नाम के एक डीएसपी ओर हिज्बुल के दो आतंकियों के साथ श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है, कि यह आतंकी दिल्ली जा रहे थे। जिस हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी नवीद बाबू को डीएसपी के साथ पकड़ा गया है, वह पिछले अक्तूबर और नवंबर महीने के दौरान 11 बाहरी मजदूरों की हत्या के आरोपी में शामिल है। नवीद बाबू जो खुद एक एसपीओ अफसर रह चुका है।
सबसे बड़ी बात यह है, कि पुलिस अफसर के सहयोग से ये आतंकी क्यों दिल्ली जा रहे थे। क्या दिल्ली में कोई साजिश रची जा रही थी। क्योंकि देविंदर सिंह का नाम 2001 के संसद अटैक मामले में भी सामने आया था। हमले के मुख्य आरोपी अफजल गुरु ने अपने वकील को तिहाड़ जेल से लिखे लेटर में कहा था, कि बडगाम के हमहमा में तैनात डीएसपी देविंदर सिंह ने एक हमलावर मोहम्मद को दिल्ली ले जाने, एक फ्लैट किराये पर दिलाने और उसके लिए कार खरीदने के लिए दबाव डाला था। अफजल गुरु के इस पत्र का जिक्र 2006 में एक किताब में भी किया गया है।  9 फरवरी 2013 में हुई फांसी के बाद अफजल के परिजनों ने इस पत्र को सार्वजनिक किया था। यह खबर विस्तार से जनचौक ने छापी है कि अफजल गुरू के उस पत्र में क्या क्या लिखा था।
यह तो हुआ कल का किस्सा। आज सुबह फेसबुक पर मुकेश असीम की पोस्ट से एक ओर जानकारी मिली कि जिस प्रकार डीएसपी देविंदर सिंह आतंकियों के साथ कार में दिल्ली जाते हुए बरामद किया गया है। उसी प्रकार मुंबई पुलिस ने 2005 में मुम्बई में एक कार से छोटा राजन गिरोह के विकी मल्होत्रा को गिरफ्तार करने के लिए रेड डाली थी, इस रेड के दौरान तीन लोग कार मे मिले | जिनमे से दो को गिरफ्तार कर लिया गया था और एक को छोड़ दिया गया जिसे छोड़ दिया गया था। वह थे हमारे तथाकथित देसी जेम्स बॉन्ड आदरणीय डोभाल साहब।
अब डोभाल साहब गैंगस्टर विकी मल्होत्रा के साथ क्या कर रहे थे। यह पूछा जाना लाज़िम था लेकिन किसी ने पूछा नही, बाद में यह मीडिया के जरिए यह फैलाने की कोशिश की गई कि डोभाल साहब विकी मल्होत्रा को दाऊद को निपटाने के लिए ट्रेंड कर रहे थे।
अब इन दोनों घटनाओं पर साथ गौर करने से एक बात समझ मे आती है कि हमें जैसे दिखाया जाता है, हकीकत में वैसा नही होता। ऐसी बहुत घटनाएं होती हैं, जो तरीके से प्लांड होती है और उन्हें आतंकवादी घटना बताया जाता है। अगर आप ध्यान से 26-11 वाला मुंबई अटैक के घटनाक्रम को देखेंगे तो आप पाएंगे कि उसमे भी बहुत से लूपहोल थे………

  • क्या संसद पर हमला एक प्लांड की गई घटना थी?
  • क्या मुंबई अटैक प्लांड किया गया था?
  • पुलवामा अटैक में विस्पोटको से भरी गाड़ी जो सैनिकों को ले जा रही बसों से टकराई थी उसका कोई पता लगा?
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Gireesh Malviya

गिरीश मालवीय एक विख्यात पत्रकार हैं, जोकि आर्थिक क्षेत्र की खबरों में विशेष रूप से गहन रिसर्च करने के लिए जाने जाते हैं। साथ ही अन्य विषयों पर भी गिरीश रिसर्च से भरे लेख लिखते रहते हैं।

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