केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को भारतीय नेवी पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि नेवी ने विकास के कार्यों में रोड़ा बनने  की धारणा बना ली है.
भारत के पहले अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनस के समारोह में उन्होंने कहा कि नेवी ने मालाबार हिल में एक फ्लोटिंग होटल का विरोध किया, जबकि उनके पास विरोध का उचित कारण भी नहीं था.
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस बात पर भी हैरानी जताई है कि, आखिर सभी नौसेना अधिकारियों को पॉश दक्षिणी मुंबई में रहने की जरूरत क्या है. उन्होंने गुरुवार को कहा कि वह इस क्षेत्र में फ्लैट या क्वार्टर बनाने के लिए नौसेना को एक इंच जमीन नहीं देंगे.

दक्षिणी मुंबई के मालाबार हिल्स में तैरने वाला जट्टी निर्माण किया जाना था. नौसेना ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इसकी अनुमति नहीं दी है। इसी जगह तैरने वाला होटल और सीप्लेन सेवा शुरू करने की भी योजना है. नौसेना द्वारा रोक लगाए जाने से केंद्रीय मंत्री नाराज हो गए हैं.
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “वास्तव में नौसेना की जरूरत सीमा पर है जहां से आतंकी घुसपैठ करते हैं. आखिर क्यों हर कोई नौसेना में दक्षिण मुंबई में रहना चाहता है? मैं उन्हें एक इंच जमीन भी नहीं दूंगा. मेहरबानी कर के मेरे पास फिर न आएं.”
उन्होंने आगे कहा कि, “नेवी और डिफेंस सरकार नहीं हैं. नेवी के लोगों का काम बॉर्डर पर है, वे साउथ मुंबई में क्यों रहना चाहते हैं? नेवी के लोग मकान के लिए मेरे पास आए थे, लेकिन हमने एक इंच जमीन नहीं दिया. इस नए प्रोजेक्ट में हमारे यहां 10 हजार सी प्लेन आ सकते हैं, जिससे टूरिज्म का विकास होगा.”
उन्होंने यह टिप्पणी मुंबई में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में नौसेना के पश्चिमी कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल गिरिश लूथरा की मौजूदगी में की.
गडकरी ने कहा, सिंगापुर का क्रूज टर्मिनल देखने के बाद मुंबई में टॉप क्लास का टर्मिनल बनाने का ख्याल आया. हर साल 80 क्रूज मुंबई में आते हैं. केंद्र सरकार की इस पहल से हर साल 950 क्रूज मुंबई में आएंगे. इससे रोजगार बढ़ेगा. टोटल प्रोजेक्ट की कीमत 6500 करोड़ हैं. इसमें 27 प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है.
ज्ञात रहे, नौसेना ने दक्षिण मुंबई में मालाबार हिल में फ्लोटिंग जैटी के निर्माण को मंजूरी देने से इंकार कर दिया है. यहां पर फ्लोटिंग होटल और सीप्लेन सेवा शुरू करने की योजना थी.
हाईकोर्ट की स्वीकृति के बावजूद नौसेना के इस कदम से गडकरी नाखुश बताए जाते हैं. उन्होंने तो यहां तक कहा कि ऐसे विकास कार्यों को रोकना नौसेना की आदत हो गई है. दक्षिण मुंबई में नौसेना की अच्छी खासी मौजूदगी है. पश्चिमी नौसेना कमांड के हेडक्वार्टर के साथ ही आवासीय क्वार्टर भी यहीं पर हैं.

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सुभाष बगड़िया

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