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क्या जेल से बाहर आ गया है, ISI का एजेंट ध्रुव सक्सेना ?

क्या जेल से बाहर आ गया है, ISI का एजेंट ध्रुव सक्सेना ?

फरवरी 2017 में एक खबर आई थी, की ISI  को सूचनाएं भेजते हुए कुछ लोग भोपाल में पकड़े गए,  उनमें से एक व्यक्ति का नाम ध्रुव सक्सेना था जो भारतीय जनता युवा मोर्चा (भारतीय जनता पार्टी का युवा संगठन) का it cell प्रमुख था. बाद में bjp ने कहा कि उनका उस से कोई संबंध नही है, पर ध्रुव सक्सेना के पोस्टर और भारतीय जनता युवा मोर्चा की वेबसाइट पर उसका नाम काफी दिन तक उपलब्ध था.
यहां तक की उस वेबसाइट को बनाया भी उसी की कंपनी vocal heart infotech ने था, ध्रुव सक्सेना की फेसबुक प्रोफाइल कैलाश विजयवर्गीय और शिवराज सिंह चौहान जैसे बड़े भाजपाई नेताओं के साथ वाली पिक्चर्स से अटी पड़ी हुईं थीं, बाद में id बंद कर दी गयी.
उस ध्रुव सक्सेना की फ़ेसबुक आईडी अब फिर से चालू कर दी गयी है, जिससे पता चलता है ध्रुव सक्सेना ट्रेकिंग कर रहा है, एयरपोर्ट में है इंदौर के मॉल में घूम रहा है,  अपने कॉलेज के बारे में अपडेट कर रहा है. यहाँ क्लिक कर देखें ध्रुव सक्सेना की फ़ेसबुक आईडी.

ध्रुव सक्सेना के केस में क्या हुआ, इसकी कोई जानकारी फरवरी 2017 के बाद से उपलब्ध नही है.

पर ये कुछ पिक्चर्स जो होली के दिन की हैं, जिसमें ध्रुव सक्सेना भारतीय युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अंशुल तिवारी के साथ होली खेलते दिखाई पड़ रहा है. ये पिक्चर्स अब हटा दिए गए हैं.

इन पिक्चर्स में एक आईडी  मोनू गोहल कौरव नाम के शख्स की भी दिखाई पड़ती है, यदि फेसबुक पर आप इस व्यक्ति को सर्च करेंगे तो उसकी प्रोफाइल में भी आपको कवर पिक्चर में भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पांडेय और एक और भोपाल के दिग्गज भाजपाई नेता मोनू के साथ दिखाई पड़ेंगे.
अब इस पर कुछ सवाल उठाते हैं, जोकि जायज़ सवाल हैं. क्योंकि मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है, मामला जासूसी से जुड़ा हुआ है. इसलिए संवेदनशील है, सवाल तो होंगे और होने चाहिए.

  • क्या धुर्व सक्सेना अब जेल से बाहर है?
  • क्या देशद्रोह करने वाला वो आदमी जो देश की खुफिया जानकारी पाकिस्तान को भेज रहा था, वो अब जेल से बाहर है.
  • भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अब उसके साथ होली खेल रहा है, ये कैसे हुआ ?
  • क्या ये फोटोशूट जेल में हुआ है ?
  • bjp ने तो इस इंसान से किसी भी तरीके के संबंधों से इनकार कर दिया था, क्या अब भी देश की सबसे ताकतवर पार्टी एक आतंकवादी के साथ रिश्ते निभा रही है ?

यह वो सवाल हैं, जिनके जवाब देशहित में जानना ज़रूरी है

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Anand Mishra

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