वर्षों तक बाहरी दुनिया से कटे रहे किम जोंग-उन, अब एक शक्तिशाली खिलाड़ी के रूप में उभरे हैं. चीन, रूस, सीरिया, दक्षिण कोरिया और अमरीका के नेताओं की किम जोंग-उन से इस साल मुलाक़ातें तय हो चुकी हैं.
कई बड़े नेता उनसे वाक़ई मुलाक़ात करना चाहते हैं. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने किम जोंग-उन को सितंबर में व्लादिवोस्टॉक (चीन की सीमा से सटा एक शहर) में मिलने का न्योता भेजा है.

किम जोंग को व्हाइट हाउस आने का न्योता दे सकते हैं ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के बीच 12 जून को सिंगपुर में मुलाकात होने वाली है. मुलाकात से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया है कि वो किम को व्हाइट हाउस आने का भी न्योता दे सकते हैं.
ट्रंप ने कहा कि अगर सिंगापुर में 12 जून को होने वाली बैठक अच्छी रही तो वह उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन को व्हाइट हाउस आने का न्योता दे सकते हैं.
किम की ओर से पिछले हफ्ते ट्रंप को भेजी गयी निजी चिट्ठी के बारे में उन्होंने कहा कि पत्र सिर्फ अभिवादन था. यह सच में बहुत अच्छा था। संभवत: मैं उसे सार्वजनिक करने की अनुमति प्राप्त कर सकता हूं. बेहद गर्मजोशी से भरा पत्र था.

ट्रंप के वकील का गैरज़िम्मेदाराना बयान

कभी मिसाइल मैन. तो कभी मोटा तानाशाह. कभी छोटा मार्शल. तो कभी पागल मार्शल. और कभी किम को फ़क़ीर राष्ट्राध्यक्ष बताने का प्रोपेगैंडा. पिछले एक साल में अमेरिका ने किम को भड़काने के लिए क्या कुछ नहीं कहा. और अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वकील गुलियानी का बेहद गैर ज़िम्मेदाराना बयान दे रहे हैं.
ट्रंप के वकील गुलियानी ने कहा कि किम ने अमेरिका के उप राष्ट्रपति का अनादर किया था और परमाणु युद्ध की धमकी भी दी थी. हमने उनसे (किम) कहा कि ऐसे हालात में हम बातचीत करेंगे ही नहीं. ऐसे में बातचीत को फिर से करवाने के लिए किम जोंग उन ने घुटनों के बल आकर ट्रंप से भीख मांगी थी. हम उनको इसी स्थिति में ही तो देखना चाहते थे.

About Author

Team TH

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *