महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर गर्मागर्मी के बीच कई नई खबरे सामने आ रही है,लेकिन एक और बड़ी खबर मध्यप्रदेश से आ रही है,जहां कांग्रेस के महासचिव और पूर्व सांसद ने अपने ट्विटर अकॉउंट में ज़रा सा बदलाव कर सनसनी फैला दी है।

दरअसल सुबह सुबह मध्यप्रदेश से आई इस खबर ने दिल्ली में थोड़ी सी गर्मी बढ़ा दी है, क्योंकि पहले मुख्यमंत्री पद तक नही पहुंचने वाले और अब प्रदेश अध्यक्ष पद की चाह रखने कर इसे पाने में नाकामयाब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्वीटर पर बायो में कांग्रेस महासचिव की जगह “पब्लिक सर्वेंट” एडिट किया है।

गौरतलब है कि सिंधिया फैमिली संघ की करीबी फैमिली रही है। इनकी दादी पहले जनसंघ और फिर भाजपा की संस्थापक सदस्यों में से रही हैं, इनके पिताजी संयोगवश कांग्रेस में थे और एक अच्छे और मज़बूत नेता थे। अब देखना यह है कि पहले मुख्यमंत्री पद तक न पहुंचने वाले राहुल गांधी के करीबी और अपनी परम्परागत सीट गुना से चुनाव हारने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया क्या राजनीतिक तौर पर बहुत बड़ा कदम उठा कर भाजपा में जाएंगे? अगर हाँ तो यह भाजपा के नेताओं के लिए और वहां की कांग्रेस सरकार के लिए कैसा रहेगा यह देखने वाली बात होगी,क्योंकि हो न हो मध्यप्रदेश में कांग्रेसी नेताओं के लिए बड़ी खबर होने वाली है।

सिंधिया ने ट्वीट कर दी जानकारी, महीने भर पहले बदल दिया था ट्विटर बायो

जब ज्योतिरादित्य सिंधिया के द्वारा ट्विटर बायो बदले जाने की खबर वायरल हुई। और उनके भाजपा में जाने के कयास लगाए जाने लगे। तब खुद सिंधिया ने ट्वीट कर यह जानकारी दी, कि उन्होंने महीने भर पहले ही अपना ट्वीटर अकाउंट का बायो बदल लिया था।

फिर भी कुछ विश्लेषक ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस ट्वीट के बाद भी यह कहते पाए जा रहे हैं, कि हो सकता है कि सिंधिया मौके का इंतज़ार कर रहे हों। क्योंकि उन्होंने ये एक नहीं बल्कि कई ऐसे संकेत दिए हैं। जिससे उनके भाजपा में जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

सिंधिया द्वारा यह ट्वीट करने पर लखनऊ से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे आचार्य प्रमोद कृष्णम ने सवाल किया है, कि आखिर बायो बदलने की ज़रूरत क्यों पड़ी ?

वो कौन सी बाते हैं, जिन्हे देखकर लगता है कि सिंधिया कांग्रेस छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं

जब सिंधिया के ट्वीटर अकाउंट से उनके बायो चेंज होने की खबर सामने आई, तो हमने उनके ट्वीटर अकाउंट और फ़ेसबुक पेज की कुछ पिछली पोस्ट्स का अध्ययन किया और हमने जो देखा। वो हमें यह शंकित कर गया। हमने पाया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा पोस्ट की गई पिछली ग्राफिक्स में कांग्रेस का निशान पंजा उपयोग में नहीं लाया गया था। जोकि पहले उपयोग किया जाता रहा है।

सिंधिया के फ़ेसबुक पेज में 22 अगस्त के पहले पोस्ट किये गए लगभग हर ग्राफिक में कांग्रेस का लोगो नज़र या रहा है, पर उसके बाद कुछ ही ऐसी ग्राफिक्स हैं जिसमें कांग्रेस का लोगों नज़र आए। अचानक ऐसा क्या हो गया कि सिंधिया के पेज और ट्वीटर प्रोफाईल से पोस्ट किये जाने वाले ग्राफिक्स में से कांग्रेस के लोगो गायब हैं।