स्वास्थ्य

वैक्सीन के डबल डोज़ के बाद भी हो सकता है संक्रमण, मगर बढ़ जाती है लडने की ताकत

वैक्सीन के डबल डोज़ के बाद भी हो सकता है संक्रमण, मगर बढ़ जाती है लडने की ताकत

दुनिया भर में कोरोना के खिलाफ लड़ाई युद्ध स्तर पर जारी है। सभी देश अपने लोगों को बचाने के हरसंभव उपाय कर रहे हैं। कई देशों में कोरोना की तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है, तो कुछ देश दूसरे लहर से जूझ रहे हैं और कुछ कोरोना से छुटकारा भी पा चुके हैं।

कोरोना के खिलाफ वैक्सीनेशन लगभग हर देश अपने देशवासियों को दे रहा है। भारत में तीन वैक्सीन, स्पुतनिक वी, कोवैक्सिन और कॉविशिल्ड को वैक्सीनेशन के लिए इस्तेमाल में लिया जा रहा है। वैक्सीन को परमानेंट इलाज तो नहीं कहा जा सकता है, मगर यह कोरोना से लड़ने के शरीर को एक एक्स्ट्रा पावर देता है।

अमेरिका में हाल ही में हुई एक स्टडी में यह देखा गया है कि वैक्सीन के डबल डोज ले चुके लोगों को भी कोरोना वायरस काफी हद तक अफेक्ट कर रही है।

सावधानी हटी, दुर्घटना घटी

अमेरिका में वैक्सीन लगवा लेने के बावजूद लोग बड़ी मात्रा में संक्रमित होते नजर आ रहे हैं। वैक्सीन के दोनों रोज कंप्लीट करने के बाद भी लोगों को कोरोना इफेक्ट कर रहा है। वहां दिल्ली मिल रहे कोरोना मरीजों में से 83 % मरीजों को अस्पताल ले जाने की नौबत आ रही है, जिनमें से 4 % ऐसे मरीज है जिन्होंने वैक्सीन के डबल डोज लगवा लिए हैं।

वहां ऐसा नजारा सिर्फ इसलिए देखने को मिल रहा है क्योंकि लोग कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर रहे हैं। सामाजिक दूरी मास्क जरूरी का पालन नहीं हो रहा है। सरकार ने भी पूरी तरह से लॉकडाउन हटा दिया है और वैक्सीनेशन की रफ्तार भी काफी धीमी है अमेरिका में।

भारत में भी देखने को मिल सकते हैं same हालात

अमेरिका की तरह भारत में भी ऐसे ही हालात देखने को जल्द ही मिल सकते हैं। यहां भी लोग कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन खुलेआम करते दिख रहे हैं। राज्य सरकारें भी धीरे-धीरे लॉकडाउन हटाते जा रहे हैं।

जहां एक तरफ दूसरी लहर पूरी तरह से अभी थमी नहीं है, वहीं दूसरी तरफ अक्टूबर तक तीसरी लहर के आने की भी उम्मीद है। भारत में भी वैक्सीनेशन की रफ्तार यहां की जनसंख्या के अनुसार काफी धीमी चल रही है। छह-सात महीनों में केवल दो – तिहाई जनसंख्या को ही वैक्सीन लग पाई है।

सीट बेल्ट की तरह काम करती है वैक्सीन – डॉ. स्कॉट डी पीटरसन

वैक्सिनेशन के बाद कोरोना होने से, वह भी डबल डोज के बाद, लोग वैक्सीन की उपयोगिता पर शक कर रहे हैं। इस संदर्भ में बोस्टन शहर के एक डॉक्टर स्कॉट डी पीटरसन ने कहा है कि, “वैक्सीन ठीक वैसा ही है जैसे सीट बेल्ट जोकिंग कम करती है, लेकिन सावधानी से ड्राइव करना जरूरी होता है।”

जब तक पूरी जनसंख्या को वैक्सीनेटेड नहीं कर दिया जाता है, कोरोना नियमों का पालन अति आवश्यक है।

सामाजिक दूरी, मास्क और वैक्सीनेशन है जरूरी।।

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Ankit Swetav