वो संविधान जिसने सबको बराबर बनाया, वो संविधान जिसने सबको सीन चौड़ा करके जीना सिखाया,वो संविधान जिसने सर उठाकर हर शख्स को बोलने,लिखने,पढ़ने,और अपने लिए आवाज़ उठाने का अधिकार दिया,वही संविधान जिसने फूहड़,दकियानूसी,धर्मान्ध,नीच और गिरी सोच को चकनाचूर कर दिया वही संविधान जिसने हर इंसान को जाति,धर्म,पैसा और इलाके से ऊपर उठकर सबको बराबर बना दिया.
वही संविधान जिसके लिए सब बराबर वही संविधान जो सबका वही जिसके सब है और वही संविधान जिसके एक इशारें से सबकी बराबरी नज़र आती है जिसके ऐलान के साथ ही जाति,धर्म के नाम का कथित ऊँचापन भागता नज़र आता है आज उसी संविधान की पैदाइश का दिन है. आज उसी की शुरुआत का दिन है,उस शुरुआत का दिन है.
जिसने सबको डेमोक्रेसी दी वही संविधान जिसने सबको वोट देने का अधिकार दिया आज उसी की पैदाइश का दिन है.हां उसी संविधान की पैदाइश जो वोट की लाइन में सबको एकसाथ खड़ा करने का माद्दा रखता है सबको चुनाव लड़ने का अधिकार दिया,आज उसी संविधान के बखान का दिन है.
हां ये सच है की अगर संविधान न होता तो ये देश पता नही कहा होता ,इसलिए संविधान की अहमियत बहुत है ,और उन्हें भी मुबारकबाद जो संविधान के लिए लड़ रहे है ,संविधान के साथ खड़े है। उनसे जो संविधान से डरते है डरते है इसकी ख़ूबसूरती से ,संविधान के लिए इसकी अहमियत के लड़ रहे है ,इसके ही साथ विरोध कर रहे है,मगर सिर्फ संविधान के लिए शुक्रिया संविधान बनाने वाले डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर का जिन्होंने ये संविधान बनाया और भारत की खूबसूरती को और बढ़ाया,आज संविधान ही कि वजह है कि देश अब भी देश है।
इसलिए संविधान के लिए लड़ते रहिये क्योंकि ये संविधान है तो देश बना हुआ इसकी खूबसूरती बनी हुई है इसकी खूबसूरती को बढाइये और संवैधानिक बन जाइये ,इस संविधान के लागू होने वाले दिन की मुबारकबाद आप सब को यौमे जम्हूरियत की मुबारकबाद..बहुत मुबारकबाद.

असद शेख
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Asad Shaikh

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